

साहिबगंज : झारखंड मुक्ति मोर्चा कांग्रेस राष्ट्रीय जनता दल समेत कई दलों के इंडी गठबंधन में दूसरे दलों के कोटे में सीट जाने और टिकट न मिलने से सत्ता पक्ष झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय नामांकन करना शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में पहले तो झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक चमरा लिंडा ने टिकट न मिलने पर लोहरदगा सीट से निर्दलीय नामांकन कर इंडी गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया और पार्टी ने उन पर कार्रवाई करते हुए पार्टी के सभी पदों से उन्हें हटा दिया और उन्हें प्राथमिक सदस्यता से भी सस्पेंड कर दिया। उसके बाद खबर आ रही है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता लोबिन हेंब्रम ने भी खुलेआम बगावत का बिगुल फूंक दिया है। खबर है कि राजमहल लोकसभा सीट से मंगलवार को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जेएमएम के बागी नेता लोबिन हेंब्रम ने नामांकन किया। उन्होंने डीसी ऑफिस पहुंच कर साहिबगंज के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसी हेमंत सती के समक्ष नामांकन दाखिल किया।
इस मौके पर हेंब्रम ने कहा कि सांसद विजय हांसदा ने क्षेत्र के लिए कुछ नहीं किया। साथ ही विजय हांसदा को उन्होंने नोट गिनवा बताया।
नामांकन के बाद शाम करीब चार बजे कृषि बाजार मैदान में जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में लोबिन ने कहा कि जो लोग मुझे कम करके आंक रहे हैं. उन्हें 4 जून को परिणाम के बाद पछतावा होगा. राजमहल क्षेत्र में उन्हें अपार जन समर्थन मिल रहा है. अपनी जीत पक्की बताते हुए लोबिन ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उनकी बात न सुनकर जो भूल की है, इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना होगा।
झारखंड मुक्ति मोर्चा से 30 वर्षों तक पार्टी के एक सच्चे सिपाही के रूप में काम किया. जैसा सुनने को मिल रहा है कि मुझे पार्टी से निकाल दिया जायेगा. मैं कहता हूं मुझे पार्टी से निकाल सकता है, लेकिन गुरु जी के दिल से नहीं निकल सकता. मैं गुरुजी का पक्का शिष्य हूं और गुरुजी के साथ मैं झारखंड राज्य को अलग करने में कदम से कदम मिलाकर आंदोलन किया हूं. मैं आंदोलनकारी हूं. मैं यह चुनाव अपने लिए नहीं बल्कि राजमहल लोकसभा क्षेत्र के जनता के लिए चुनाव लड़ रहा हूं. राज्य के आदिवासी-मूलवासी के लिए चुनाव लड़ रहा हूं.
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Vishwajeet
September 14, 2026





