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रांची सेंट्रल जेल से अयान जावेद को लेकर आई आगरा पुलिस, धर्मांतरण गैंग से जुड़े हैं संदिग्ध आतंकी के तार

On: March 7, 2026 6:45 PM
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आगरा: उत्तरप्रदेश के आगरा में दो सगी बहनों के कथित धर्मांतरण मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस पूरे प्रकरण के नए और चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। अब जांच एजेंसियां इस मामले में कथित आतंकी संगठनों से जुड़े संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं। इसी कड़ी में पुलिस ने झारखंड की रांची सेंट्रल जेल में बंद संदिग्ध आतंकी अयान जावेद को बी-वारंट पर आगरा लाकर अदालत में पेश किया है। माना जा रहा है कि उससे पूछताछ के बाद कई सनसनीखेज जानकारियां मिली है।

पुलिस के मुताबिक अयान जावेद को वर्ष 2025 में झारखंड एटीएस ने धनबाद से गिरफ्तार किया था। उस समय उसके साथ उसकी पत्नी शबनम, गुलफाम और शहजाद आलम को भी पकड़ा गया था। जांच में सामने आया था कि आरोपी का संबंध प्रतिबंधित संगठनों हिज्ब-उत-तहरीर और अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से है।

आगरा पुलिस ने बी-वारंट के आधार पर अयान को रांची से लाकर शुक्रवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब शनिवार को अदालत से उसकी कस्टडी रिमांड मांगने की तैयारी में है, ताकि उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह के नेटवर्क और उसके संपर्कों की जानकारी जुटाई जा सके।

दरअसल यह मामला जुलाई 2025 में सामने आया था। आगरा के सदर क्षेत्र की दो सगी बहनें मार्च 2025 में अचानक लापता हो गई थीं। परिवार की शिकायत पर जांच शुरू हुई तो पता चला कि दोनों कथित धर्मांतरण गिरोह के संपर्क में थीं। पुलिस की विशेष टीम ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित तपसिया इलाके में छापा मारकर दोनों बहनों समेत आधा दर्जन युवतियों को बरामद किया था।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में दिल्ली के अब्दुल रहमान सहित चार अन्य लोगों को भी पकड़ा गया। इस गिरोह के चंगुल से कुल छह युवतियों को मुक्त कराया गया था।

जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच में कई संदिग्ध संपर्क सामने आए। पुलिस को जानकारी मिली कि देहरादून की एक युवती का संपर्क अयान जावेद से था और दोनों के बीच करीब 200 कॉल रिकॉर्ड भी मिले हैं। इसके अलावा अयान की बातचीत पहले से गिरफ्तार आगरा के रहमान कुरैशी, गोवा की आयशा, अबू तालिब और देहरादून के अब्दुल रहमान से भी होती थी।

धनबाद का रहने वाला 22 वर्षीय अयान जावेद बीसीए का छात्र था। बताया जाता है कि कोविड-19 महामारी के दौरान उसकी पढ़ाई छूट गई थी। इसी दौरान वह इंटरनेट के जरिए कट्टर विचारधारा से प्रभावित होने लगा। जांच में सामने आया कि उसने पाकिस्तानी नागरिकों तारीफ जमील और इसरार अहमद से जुड़े कंटेंट के अलावा जाकिर नाइक की किताबें पढ़ीं और यूट्यूब सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो देखने लगा, जिनसे वह धीरे-धीरे कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित हुआ।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसकी पहचान आगरा के रहमान कुरैशी से हुई, जिसके बाद वह दिल्ली और कोलकाता में सक्रिय अन्य लोगों के संपर्क में आया। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए युवाओं और युवतियों को जोड़कर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता था।

जांच में यह भी सामने आया कि कई राज्यों की युवतियों को भी इस नेटवर्क के जरिए निशाना बनाया जाता था। गिरोह से जुड़ी कुछ युवतियां कॉलेजों में संपर्क बनाती थीं, जबकि फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए भी बातचीत शुरू की जाती थी। इसके बाद युवतियों को उनके धर्म की कथित कमियां बताकर इस्लाम की ओर आकर्षित करने की कोशिश की जाती थी।

पुलिस के मुताबिक घर छोड़ने के बाद युवतियों को पहले दिल्ली लाया जाता था और फिर पश्चिम बंगाल ले जाकर उनका धर्मांतरण कराया जाता था। इसके बाद उनका निकाह भी करा दिया जाता था।

जांच एजेंसियों को यह भी शक है कि इस नेटवर्क के संपर्क अंग तस्करी करने वाले गिरोह से भी हो सकते हैं। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीमों ने भी पूछताछ की है। विदेशी फंडिंग के संकेत मिलने के बाद मामले की जांच और गहराई से की जा रही है। हालांकि अंग तस्करी से जुड़े आरोपों में अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पुलिस का कहना है कि अयान जावेद से रिमांड पर पूछताछ के बाद इस पूरे नेटवर्क के अंतरराज्यीय और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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