रांची

IIM रांची के 15वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

ख़बर को शेयर करें

रांची: देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन शनिवार (28 मार्च) को रांची स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रांची के 15वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए शिक्षा, नैतिकता और सामाजिक दायित्व के महत्व पर विशेष बल दिया।

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि लगभग तीन वर्षों के अंतराल के बाद संस्थान का दौरा करना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव है। उन्होंने झारखंड के पूर्व राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि वे आईआईएम रांची की प्रगति पर लगातार नजर रखते रहे हैं और इस दौरान संस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

उपराष्ट्रपति ने प्रबंधन शिक्षा को केवल कॉर्पोरेट जगत तक सीमित न रखने की सलाह देते हुए कहा कि इसे समाज से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बोर्डरूम और बैलेंस शीट तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान करते हुए समावेशी विकास को बढ़ावा देने वाली होनी चाहिए।

उन्होंने छात्रों को जीवन और अकादमिक अनुभवों के अंतर को समझने की सीख देते हुए कहा कि जहां केस स्टडी विश्लेषणात्मक क्षमता को परखती हैं, वहीं वास्तविक जीवन में लिए गए निर्णय लोगों की आजीविका, विश्वास और व्यापक सामाजिक हित को प्रभावित करते हैं। ऐसे में सफलता का मूल्यांकन केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उन मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों से किया जाना चाहिए, जिनके आधार पर वे उपलब्धियां प्राप्त की गई हैं।

उपराष्ट्रपति ने नैतिक नेतृत्व, ईमानदारी और विश्वास को किसी भी मजबूत और स्थायी संस्था की आधारशिला बताते हुए युवाओं से शॉर्टकट से बचने और उद्देश्यपूर्ण जीवन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को लाभ से अधिक उद्देश्य और चरित्र को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए युवाओं से वैश्विक स्तर पर सोचने और स्थानीय स्तर पर कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों के कार्यों का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव है।

समारोह के अंत में उपराष्ट्रपति ने सभी स्नातक छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, संतोषपूर्ण जीवन और उद्देश्यपूर्ण सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि सच्ची सफलता इस बात में निहित है कि व्यक्ति समाज को क्या योगदान देता है।

इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्य सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

उलिहातु में बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

इससे पूर्व, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने दौरे के दौरान खूंटी जिले के उलिहातु गांव पहुंचकर महान स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा के जन्मस्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उलिहातु की पुनः यात्रा कर वे भावुक हो गए और अपने राज्यपाल पद की शपथ से पहले की यात्रा को भी याद किया।

उन्होंने वहां बिरसा मुंडा के वंशजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनकी परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इसके अलावा, रांची स्थित बिरसा चौक पर भी उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।