नई दिल्ली। तकनीक की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अब इसका असर हेल्थ सेक्टर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। डॉक्टरों को ऐसी कई नई मशीनें और टूल्स मिल रहे हैं जो न सिर्फ समय बचाते हैं बल्कि मरीजों के इलाज को और ज्यादा प्रभावी बना रहे हैं। इसी कड़ी में रिसर्चर्स ने एक पारंपरिक लेकिन बेहद अहम मेडिकल डिवाइस स्टेथोस्कोप को हाई-टेक एआई तकनीक से अपग्रेड किया है।
1816 से अब तक का सफर
स्टेथोस्कोप का आविष्कार साल 1816 में हुआ था और तब से लेकर आज तक यह डॉक्टरों के लिए सबसे जरूरी टूल्स में से एक बना हुआ है। इसका इस्तेमाल शरीर के भीतर की आवाजें सुनने और बीमारियों के शुरुआती संकेत पकड़ने में किया जाता है। लेकिन अब इसमें एआई की ताकत जुड़ने से यह और भी ज्यादा पावरफुल बन गया है।
इंपीरियल कॉलेज लंदन और NHS ट्रस्ट का रिसर्च
इंपीरियल कॉलेज लंदन और इंपीरियल कॉलेज हेल्थकेयर एनएचएस ट्रस्ट की रिसर्च टीम ने एआई-इनेबल्ड स्टेथोस्कोप डेवलप किया है। इस नए टूल का आकार ताश के पत्ते जैसा है और इसे कैलिफोर्निया की एक कंपनी Echo Health ने तैयार किया है।
जब इसे मरीज के सीने पर रखा जाता है तो यह दो काम करता है:
इसका माइक्रोफोन दिल से बहने वाले खून की आवाज को रिकॉर्ड करता है। साथ ही यह दिल की इलेक्ट्रिक रिदम (ECG) की रिकॉर्डिंग करता है।
रिकॉर्ड की गई इंफॉर्मेशन को क्लाउड पर भेजा जाता है, जहां एआई एल्गोरिदम इसका एनालिसिस करके बताता है कि मरीज में दिल से जुड़ी कोई गंभीर समस्या तो नहीं है। नतीजे तुरंत स्मार्टफोन पर भेज दिए जाते हैं।
सिर्फ 15 सेकंड में 3 बड़ी बीमारियों का पता
यह स्मार्ट स्टेथोस्कोप महज 15 सेकंड में दिल की तीन गंभीर समस्याओं का पता लगा सकता है:
1. हार्ट फेलियर
2. हार्ट वाल्व डिजीज
3. एब्नॉर्मल हार्ट रिदम (Atrial Fibrillation)
यह उन सूक्ष्म अंतर को भी पकड़ सकता है जिन्हें इंसानी कान सुन नहीं पाता। इस स्टेथोस्कोप से जिन मरीजों की जांच की गई उनमें दिल की गति रुकने की संभावना दोगुनी पाई गई। उनमें एट्रियल फिब्रिलेशन की संभावना 3 गुना ज्यादा थी। यह एक ऐसी स्थिति है जो स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाती है। उनमें हार्ट वाल्व डिजीज का खतरा भी दोगुना पाया गया।
क्यों है यह इनोवेशन खास?
• पारंपरिक टेस्ट की तुलना में तेजी से डायग्नोसिस
• मरीज की हालत बिगड़ने से पहले ही रिस्क अलर्ट
• जनरल प्रैक्टिशनर्स (स्थानीय डॉक्टरों) के लिए भी आसान और क्विक टूल
• लाइफ सेविंग दवाओं की समय पर जरूरत की पहचान
एआई-इनेबल्ड यह स्मार्ट स्टेथोस्कोप भविष्य में हार्ट पेशेंट्स के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह न सिर्फ डॉक्टरों को सही समय पर सही जानकारी देगा बल्कि हजारों जिंदगियां भी बचा सकता है।
AI ने मेडिकल टेक्नोलॉजी में जोड़ा नया आयाम, अब सिर्फ 15 सेकंड में हार्ट डिजीज का पता लगाएगा ‘स्मार्ट स्टेथोस्कोप’













