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अनीशा दत्ता ने अपना जन्मदिन जुगसलाई स्लम एरिया में ऐसे मनाया, बनी मिसाल

मानव सेवा कर जन्मदिन को बनाया है यादगार

टीम पीएसएफ की सभी गतिविधियां शारदीया दुर्गा उत्सव संग दशहरा तक मां दुर्गा को रहेगी समर्पित

जमशेदपुर: जमशेदपुर निवासी शुभाशीष दत्ता अपने धर्मपत्नी पंपा दत्ता जी को साथ लेकर, सिर्फ और सिर्फ मानव सेवा को ही सर्वोपरि रखते हुए अपने सुपुत्री सुश्री अनीशा दत्ता के जन्मदिन को मानव सेवा के जरिए समर्पित किया।

जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र स्थित नव जागृत मानव समाज कुष्ठ आश्रम परिसर यानी अंत्योदया भवन के ठीक बगल में स्थित स्लम एरिया में, वहां रह रहे 50 पीड़ित एवं असहाय लोगों के लिए अति उत्तम से उत्तम नाश्ते का प्रबंध कर जहां अपनी सेवाएं प्रदान की।

वहीं कहीं ना कहीं अपने सुपुत्री अनीशा के अंदर धरातल में रह रहे इन जरूरतमंद लोगों के लिए मानव प्रेम को कूट-कूट कर भरते चले गए।

आशीर्वाद एवं सानिध्य मिला दादा स्वर्गीय सुधीर कुमार दत्ता एवं दादी मीरा दत्ता जी का।

घर के इस लाडली को भरपूर प्यार मिला जाने-माने समाजसेवी एवं अनिशा के नाना दुर्गा प्रसाद दास, नानी शैली दास, चाचा सौमेन दत्ता, चाची मोउ दत्ता एवं छोटी बहन अदिति दत्ता का।

मानव प्रेम के प्रति अटूट बंधन पनपता है इस दत्ता परिवार में।जहां नाना दुर्गा प्रसाद दास एक जाने-माने समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। कई सामाजिक क्षेत्र में एक जीवनदाई बनकर दुखों का हरण करते हैं। ऐसे समाजसेवी के घर में मानव सेवा ही सर्वोपरि है।दत्ता परिवार के सभी सदस्यों के जज्बे को, उनके सोच, उनके विचार धारा नमन योग्य है।

जहां कई घरों में ऐसे पावन दिन के शुभ अवसर पर हर्षोल्लास वातावरण में विभिन्न आयोजनों में लोग व्यस्त रहते हैं, वहीं इन दत्ता परिवार ने इस पावन दिन को समर्पित किया मानव सेवा के नाम।

प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन ने आज के इस विशेष पावन दिन के शुभ अवसर पर सबों के चहीते अनीशा दत्ता को उन्हें उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाओं के साथ बधाई देते हुए मंगल कामना एवं दीर्घायु कामना हेतु भगवान से प्रार्थना करता है टीम पीएसएफ यानी प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन।

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।