किश्तवाड़: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा (सिंगपुरा) इलाके में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान भारतीय सेना को एक वीर जवान की शहादत का सामना करना पड़ा है। आतंकियों द्वारा किए गए ग्रेनेड हमले में स्पेशल फोर्सेज के हवलदार गजेंद्र सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए। इस हमले में कुल आठ जवान घायल हुए थे, जिनमें से गंभीर रूप से घायल हवलदार गजेंद्र सिंह ने उपचार के दौरान अंतिम सांस ली।
जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी 2026 की रात सिंहपोरा क्षेत्र में ऑपरेशन TRASHI-I के तहत सुरक्षाबलों द्वारा सघन तलाशी एवं घेराबंदी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान घात लगाए आतंकियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड फेंका। अचानक हुए इस हमले के बावजूद जवानों ने मोर्चा संभाले रखा और ऑपरेशन को आगे बढ़ाया। इस कठिन परिस्थिति में हवलदार गजेंद्र सिंह ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए आतंकवाद विरोधी कार्रवाई को अंजाम दिया और देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
हमले में घायल अन्य जवानों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है, ताकि आतंकियों को जल्द से जल्द ढेर किया जा सके।
शहीद जवान को सेना की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) सहित सेना के सभी रैंकों और जवानों ने हवलदार गजेंद्र सिंह के बलिदान को नमन किया। सेना ने अपने संदेश में कहा कि हवलदार गजेंद्र सिंह का निस्वार्थ समर्पण, बहादुरी और कर्तव्यपरायणता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
पूरे देश में शहीद जवान की शहादत पर शोक की लहर है। राष्ट्र उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा और आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई उनके साहस से और मजबूत होगी।














