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झारखंड बिहार में आतंक का पर्याय बने 10 लाख का इनामी नक्सली अरविंद भुईंया सुरक्षाबलों के हत्थे चढ़ा

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AK47 समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद

पलामू : झारखंड बिहार‌ के लिए पिछले तकरीबन 14 वर्षों से आतंक का पर्याय बने नक्सली टॉप कमांडर (माओवादी) अरविंद भुईंया गिरफ्तार करने में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बिहार से आए सुरक्षाबलों ने उसे गिरफ्तार किया।उसकी निशानदेही पर सुरक्षाबलों में भारी मात्रा में हथियार बरामद किया है जिसमें एक एके-47 राइफल और भारी पैमाने पर आधुनिक हथियार बरामद किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अरविंद बिहार के गया जिला के सलैया थाना क्षेत्र के विराज गांव का रहने वाला है।अरविंद भुइयां उर्फ अरविंद मुखिया झारखंड और बिहार में 100 से भी अधिक नक्सल हमले को अंजाम देने का आरोपी है। झारखंड सरकार ने उस पर ₹1000000 का इनाम रखा था। ़़

सीमा पर मौजूद माओवादियों का एक टॉप कमांडर अरविंद भुइयां उर्फ मुखिया को बिहार से आए हुए सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार कर लिया है. अरविंद भुइयां उर्फ मुखिया की निशानदेही पर पुलिस एवं सुरक्षाबलों ने एके 47 समेत आधुनिक हथियार बरामद किया है. अरविंद भुइयां पर झारखंड की सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम रखा है… बिहार सरकार ने अरविंद पर अलग से इनाम की घोषणा की थी.

अरविंद बिहार के गया जिला के सलैया थाना क्षेत्र के विराज गांव का रहने वाला है।अरविंद भुइयां उर्फ अरविंद मुखिया झारखंड और बिहार में 100 से भी अधिक नक्सली हमले को अंजाम देने का आरोप है।

गौरतलब हो कि बिहार के गया में औरंगाबाद सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान के दौरान कोबरा जवानों को टारगेट कर हमला किया गया था जिसमें 30 जवान शहीद हो गए थे। इस मामले में भी वह शामिल था।

अरविंद के खिलाफ झारखंड के पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, हजारीबाग जबकि बिहार के गया और औरंगाबाद में कई हमले को अंजाम देने के आरोप में एफआईआर दर्ज है।

इसके अलावा पलामू एसपी की टीम पर भी लैंडमाइन विस्फोट से हमला किया गया था। इस हमले में 2 जवान शहीद हो गए थे और एसपी बाल-बाल बच गए थे। इसके अलावा अन्य गुनाहों में पलामू के मनातू थाना क्षेत्र में लैंडमाइन विस्फोट हड़कंप मचा दिया था जिसमें 4 जवान शहीद हो गए थे। इन सभी मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी।

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Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।