रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बड़ा फैसला लेते असम विधानसभा चुनाव में अकेले उतरने का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दल के साथ गठबंधन किए बिना अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
दरअसल, झामुमो और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर लंबे समय तक बातचीत चली। दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर कई दौर की चर्चा भी हुई, लेकिन अंततः सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद झामुमो नेतृत्व ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय ले लिया।
पार्टी ने असम की 19 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। झामुमो को उसका पारंपरिक ‘तीर-कमान’ चुनाव चिन्ह भी आवंटित हो चुका है और प्रत्याशियों को सिंबल देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस दौरान पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह वितरित किए।
उम्मीदवारों की सूची में कुछ प्रमुख नामों की घोषणा भी कर दी गई है। माजबत विधानसभा सीट से प्रीति रेखा बरला को मैदान में उतारा गया है, जबकि सोनारी सीट से बलदेव तेली को टिकट दिया गया है। इसके अलावा झामुमो ने अपने सहयोगी दल CPIML के लिए एक सीट छोड़ने का फैसला किया है, जिससे सीमित स्तर पर गठबंधन की झलक भी देखने को मिल रही है।
असम में विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान प्रस्तावित है। नामांकन की अंतिम तिथि भी नजदीक होने के कारण सभी राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। ऐसे में झामुमो का यह फैसला राज्य की चुनावी राजनीति को नया मोड़ दे सकता है। अब देखना होगा कि अकेले दम पर चुनाव लड़ने का यह दांव पार्टी को कितना फायदा पहुंचाता है।












