गढ़वा: जिले के रमकंडा थाना क्षेत्र के कसमार गांव में करीब एक महीने पहले हुई नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एक महीने बाद सुलझी गुत्थी
इस जघन्य कांड की जांच कर रही पुलिस टीम के सामने शुरुआत से ही कई चुनौतियां थीं। सीमित सुराग और ग्रामीण इलाके की परिस्थितियों के बीच पुलिस ने लगातार प्रयास जारी रखा। करीब 600 लोगों से पूछताछ और 200 से अधिक संदिग्धों के कॉल डिटेल खंगालने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
शादी समारोह से लौटते वक्त हुई वारदात
रंका अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि घटना के दिन नाबालिग युवती कसमार गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल हुई थी। इसी दौरान वह शौच के लिए बाहर निकली थी। तभी आरोपी, जो अपने जीजा के घर रह रहा था, उसे देख पीछा करने लगा। पीछा करते हुए आरोपी ने युवती को दौड़ाया, जिससे वह गिर गई। इसके बाद आरोपी उसे जबरन उठाकर पास के अरहर के खेत में ले गया, जहां उसने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और पहचान छुपाने के लिए गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
तीसरे दिन मिला था शव
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने तीन दिन बाद अरहर के खेत से नाबालिग का शव बरामद किया था। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच शुरू की गई।
एक चप्पल बना अहम सुराग
पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से मिली एक चप्पल अहम सुराग साबित हुई। इसी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई और जांच का दायरा सीमित हुआ। लगातार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी धर्मेन्द्र सिंह को गोबरदाहा गांव से गिरफ्तार कर लिया।
साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार आरोपी रमकंडा थाना क्षेत्र के गोबरदाहा गांव का निवासी है और घटना के समय कसमार में अपने जीजा के घर रह रहा था। गहन जांच, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के बाद उसके खिलाफ पर्याप्त प्रमाण मिलने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।








