नई दिल्ली/ढाका: भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में आई लंबी तल्खी के बाद अब सुधार के स्पष्ट संकेत दिखाई देने लगे हैं। बांग्लादेश हाई कमीशन ने शुक्रवार को भारतीय नागरिकों के लिए सभी श्रेणियों की वीजा सेवाएं आधिकारिक तौर पर फिर से शुरू कर दी हैं।
यह अहम फैसला बांग्लादेश में नई सरकार के गठन और तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के ठीक तीन दिन बाद सामने आया है। माना जा रहा है कि यह कदम नई सरकार की प्राथमिकताओं और भारत-बांग्लादेश संबंधों को स्थिर करने की मंशा को दर्शाता है।
दो महीने से सस्पेंड थीं वीजा सेवाएं
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में दोनों देशों के रिश्तों में आई गंभीर गिरावट के बाद भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा सेवाएं लगभग दो महीनों तक पूरी तरह सस्पेंड कर दी गई थीं। अब इन सेवाओं की बहाली को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) नेतृत्व की एक रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारत के साथ बिगड़े रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाना है।
हिंसा और विरोध प्रदर्शनों से बिगड़े थे रिश्ते
भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव की शुरुआत 2025 के अंत में भारत विरोधी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद हुई थी। इस घटना के बाद पूरे बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। इन प्रदर्शनों के दौरान कुछ संगठनों द्वारा हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए। उसी रात प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने चटगांव में भारतीय असिस्टेंट हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन किया और मिशन पर पत्थरबाज़ी की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चटगांव स्थित इंडियन वीज़ा एप्लीकेशन सेंटर (IVAC) का कामकाज 21 दिसंबर से अगली सूचना तक रोक दिया गया था।
बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और भारत विरोधी माहौल के चलते दोनों देशों ने अपने-अपने कॉन्सुलर ऑपरेशंस में कटौती की। इस दौरान बिज़नेस और वर्क वीज़ा सीमित रूप से जारी रहे, जबकि मेडिकल और टूरिस्ट वीज़ा पूरी तरह से बंद कर दिए गए थे।
शुक्रवार सुबह बांग्लादेश हाई कमीशन की ओर से पुष्टि की गई कि टूरिज्म समेत सभी वीजा कैटेगरी अब पूरी तरह से बहाल कर दी गई हैं। यह फैसला न केवल आम यात्रियों के लिए राहत भरा है, बल्कि व्यापार, मेडिकल ट्रैवल और पीपल-टू-पीपल कॉन्टैक्ट को भी नया बल देगा।
भारत भी बांग्लादेश में सभी वीजा सेवाएं फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध फिर से सुधरने की सुगबुगाहट तेज हो गई है।














