
रांची: झारखंड हाईकोर्ट के हालिया अंतरिम आदेश के बाद जेएसएससी सीजीएल-2023 के जरिए विभिन्न विभागों में नियुक्त 1,340 अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने गुरुवार देर शाम आदेश जारी कर संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि इन कर्मियों से पूर्व की तरह लगातार काम लिया जाता रहे। इससे नियुक्त कर्मियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति काफी हद तक दूर हो गई है।
कार्मिक विभाग की ओर से जारी पत्र राज्य सरकार के सभी संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के सचिव, सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलों के उपायुक्तों को भेजा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रभावित कर्मियों को उनके पदों पर काम करने दिया जाए।
दरअसल, राज्य मंत्रिपरिषद ने 17 अगस्त 2026 को जेएसएससी सीजीएल-2023 परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया था। इसके अगले दिन 18 अगस्त को कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर परीक्षा के साथ-साथ इसके आधार पर हुई नियुक्तियों को भी निरस्त कर दिया था।
सरकार के इस फैसले से प्रभावित अधिकारियों और कर्मचारियों ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया। याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार की अधिसूचना के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी थी और प्रभावित कर्मियों को अपने पदों पर काम जारी रखने की अनुमति दी थी।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अलग-अलग विभागों में इस बात को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी कि इन कर्मियों से नियमित रूप से काम लिया जाए या नहीं। वहीं, कुछ मामलों में वेतन भुगतान को लेकर भी अड़चन की स्थिति सामने आ रही थी।
अब कार्मिक विभाग के ताजा निर्देश के बाद संबंधित विभागों को स्पष्ट रूप से इन कर्मियों से पूर्ववत काम लेने को कहा गया है। इससे 1,340 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल राहत मिली है।
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित सीजीएल परीक्षा को रद्द करने वाली राज्य सरकार की अधिसूचना के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक बरकरार रखी।
अदालत ने प्रथम दृष्टया टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी नियमित नियुक्ति को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उचित पालन किए बिना समाप्त नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी के बाद सरकार की ओर से भी मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अपना जवाबी शपथ पत्र दाखिल करे। इसमें सीआईडी जांच से लेकर अब तक की गई पूरी कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा देने को कहा गया है।
वहीं, याचिकाकर्ताओं को 14 सितंबर तक जवाबी हलफनामा दाखिल करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की गई है।





