
रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की JSSC-CGL परीक्षा (विज्ञापन संख्या 10/2023) के जरिए नियुक्त हुए कर्मियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत इन नियुक्तियों को समाप्त कर कर्मियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।
मामले की सुनवाई मंगलवार को जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई। अदालत ने आकाश गौरव समेत 99 कर्मियों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई। साथ ही सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से जवाब तलब किया है।
अदालत ने दोनों पक्षों को 15 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई भी इसी तारीख को निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ताओं ने अपनी नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि JSSC-CGL के माध्यम से चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी नियुक्ति हुई थी, ऐसे में नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश को चुनौती दी गई है।
दरअसल, JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच के दौरान CID को कई अहम तथ्य मिले थे। जांच में टीडीपीएल की भूमिका सामने आने के बाद राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था।
इसके बाद सरकार ने वर्ष 2014 से आयोजित विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं की भी समीक्षा और संभावित अनियमितताओं की जांच कराने का फैसला किया। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में 22 परीक्षाओं को रद्द, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने की जानकारी दी गई थी।
हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद JSSC-CGL से नियुक्त कर्मियों को फिलहाल राहत मिली है। अब सरकार और JSSC के जवाब के बाद अदालत इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट करेगी।





