July 26, 2026

प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को भाजपा नहीं बनाएगी मुख्यमंत्री, उनकी कुंडली में CM का योग नहीं, ऐसा क्यों कह रहा सत्ता पक्ष.?

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झारखंड वार्ता न्यूज

रांची/डेस्क :– छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के प्रचंड बहुमत से जीत हासिल होने के बाद अन्य राज्यों में होने वाले आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के तमाम एक्जिट पोल बिखर गए है। राजनीतिक विशेषज्ञयों का ज्ञान और अनुमान फ्लॉप हो गया। चार राज्यों में से तीन राज्यों में भाजपा की सरकार बनने के बाद पार्टी का कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ गया है। इसका असर अब झारखंड में भी देखने को मिल रहा है लेकिन विपक्ष के दावों पर भाजपा का दांव भारी पड़ता दिख रहा है। सत्ता पक्ष के खिलाफ प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी के हमले और तीखे गए है। सीएम और सरकार को आगाह और सलाह के साथ चेतावनी दी जा रही है। कल सत्ता पक्ष का यह दावा कर रहा था कि झारखंड में भाजपा के लिए नो एंट्री का बोर्ड लग चुका है,वही सत्ता पक्ष कह रहा है कि भाजपा किसी भी हाल में प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को झारखंड का मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। इसका मतलब क्या यह माना जाए कि सत्ता पक्ष मानने लगा है कि हवा बदल गई है। तीन राज्यों की तरह भाजपा यहां भी सत्ता में वापसी कर सकती है।

बाबूलाल मरांडी की कुंडली में सीएम बनने का योग नहीं..

झामुमो के वरिष्ठ नेता मनोज पांडेय का कहना है कि भाजपा एक तानाशाही पार्टी है। झारखंड में अगर भाजपा को मौका मिले भी तो बाबूलाल मरांडी को मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। क्योंकि बाबूलाल की संभावना उसी दिन खत्म हो गई,जिस दिन भाजपा ने पड़ोसी राज्य में आदिवासी को मुख्यमंत्री बना दिया। भाजपा ने दिखावे का मुखौटा छत्तीसगढ़ में लगा दिया। एक आदिवासी महिला को देश के राष्ट्रपति बना दिया लेकिन हर मौके पर उन्हें अपमानित किया।

संसद भवन के उदघाटन के वक्त उनकी अनदेखी से पूरा देश वाकिफ है। इससे साफ जाहिर होता है कि आदिवासी के नाम पर भाजपा चूहे और बिल्ली की खेल खेल रही है। उनका कहना है कि बाबूलाल जिस मकशद से भाजपा में आए है वह किसी भी हाल में पूरा नहीं हो सकता है क्योंकि बाबूलाल मरांडी की कुंडली में मुख्यमंत्री बनने का कोई योग नहीं दिख रहा है। अगर मौका मिला भी तो फिर रघुवर दास की तरह कोई और आ जायेगा। ऐसे में बाबूलाल जी के पास कोई विकल्प भी नहीं बचा है। बाबूलाल जी खबरों में बने रहने के लिए आदिवासी समाज के मुख्यमंत्री के खिलाफ अनर्गल बयान बाजी करते फिर रहे है।

झारखंड की सत्ता में नहीं आएगी भाजपा की सरकार

मनोज पांडेय ने कहा कि तीन राज्यों में भाजपा की सरकार बनने के बाद जिस तरह से पार्टी अपना कॉन्फिडेंस बना रहा कि वो सारा का सारा फेल है। भाजपा किसी भी हाल में झारखंड की सत्ता में नहीं आ सकती है। अगर 0.1 प्रतिशत भी संभावना बनी तो बाबूलाल मरांडी के सपने कभी पूरे नही हो सकते है। अगर तीन राज्यों की किरिश्मा को अगर झारखंड में दिखाना चाहती है तो बाबूलाल मरांडी को अपना चेहरा घोषित क्यों नहीं कर देती।

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