
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया। नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। पार्टी ने इस बार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर 13 नेताओं को जगह दी है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई सूची के मुताबिक, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, एम. नागराजा, तारिक मंसूर और मधुचंद्र को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
पार्टी संगठन में बदलाव के तहत विनोद तावड़े और स्मृति ईरानी समेत कई नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। उत्तर प्रदेश को भी नई टीम में खास प्रतिनिधित्व मिला है। राष्ट्रीय महासचिवों की सूची में स्मृति ईरानी के साथ हरीश द्विवेदी का नाम भी शामिल है।
लंबे समय बाद स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी
स्मृति ईरानी को नई राष्ट्रीय टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने को पार्टी संगठन में उनकी वापसी के तौर पर देखा जा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें केंद्र सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मिला था। अब बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाकर संगठन में अहम भूमिका दी है।
स्मृति ईरानी को महिला मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी मिल सकती है। उनके अलावा नई टीम में अलग-अलग राज्यों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश भी दिखाई देती है।
कई राज्यों के नेताओं को मिली जगह
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने अनुभवी नेताओं के साथ संगठन में सक्रिय रहे चेहरों को भी जगह दी है। माना जा रहा है कि नई टीम के जरिए बीजेपी आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों के लिए अपने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद घोषित की गई यह टीम बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है। नई जिम्मेदारियों के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता अब अलग-अलग राज्यों में संगठन को मजबूत करने और पार्टी के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएंगे।




