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नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस से पहले देश की सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए दावा किया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI समर्थित ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को देशभर में चलाए गए समन्वित अभियान के जरिए ध्वस्त किया गया है।
गृह मंत्री के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ 14 राज्यों में अभियान चलाकर 200 से अधिक संदिग्ध ऑपरेटिव को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से भारत में आतंकी हमलों और अन्य विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने की कथित योजनाओं को समय रहते विफल किया गया।
14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई
अमित शाह ने अपने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई के दौरान नेटवर्क से जुड़े लोगों की गतिविधियों, संपर्कों और संभावित मॉड्यूल की जांच की गई।
IED, ग्रेनेड और पिस्तौल समेत सामान बरामद
अमित शाह ने बताया कि इस अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को भारी मात्रा में हथियार और संदिग्ध गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाला सामान मिला। बरामद वस्तुओं में IED, ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और CCTV कैमरे शामिल हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी दावा किया कि बरामद किए गए कुछ ग्रेनेड पर पाकिस्तानी हथियार फैक्ट्री की मार्किंग मिली है।

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान में मौजूद गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके गुर्गों पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीय युवाओं को प्रभावित करने और उन्हें नेटवर्क में शामिल करने का आरोप है। एजेंसियों को आशंका है कि युवाओं को पहले ऑनलाइन संपर्क के जरिए अपने प्रभाव में लिया जाता था और बाद में उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती थी। एजेंसियां अब बरामद सामान के स्रोत और उसके नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
हथियार तस्करी और जासूसी से भी जुड़े तार
जांच में इस नेटवर्क के कथित संबंध केवल ऑनलाइन भर्ती तक सीमित नहीं बताए जा रहे हैं। विभिन्न मामलों की पड़ताल में इसके लिंक हथियारों की तस्करी, जासूसी, रेकी और स्लीपर मॉड्यूल तैयार करने जैसी गतिविधियों से जोड़े गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर नेटवर्क के दूसरे सदस्यों, फंडिंग चैनल, हथियारों की सप्लाई और पाकिस्तान में बैठे संचालकों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।





