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बागबेड़ा सड़क हादसे के बाद बवाल: इलाज में मदद की मांग को लेकर सड़क जाम, डीएसपी पर युवक से दुर्व्यवहार का आरोप

जमशेदपुर: बागबेड़ा में गुरुवार सुबह हुए सड़क हादसे के बाद शाम को इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल शिक्षक प्रेम महतो के इलाज और दुर्घटना के जिम्मेदार वाहन मालिक पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों एवं स्थानीय लोगों ने डीबी रोड को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब मौके पर पहुंचे डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) सुमित कुमार पर एक युवक के साथ थप्पड़ मारने का आरोप लगा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवक घायल शिक्षक के इलाज के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा था और इसी दौरान उसने डीएसपी के पैर पकड़ लिए। आरोप है कि इसके बाद डीएसपी ने युवक को थप्पड़ मार दिया, जिससे वहां मौजूद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
घायल शिक्षक प्रेम महतो के परिजनों का कहना है कि उनका इलाज टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में चल रहा है, जहां इलाज के लिए बड़ी राशि की व्यवस्था करने को कहा गया है। आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए परिजनों ने प्रशासन से इलाज में सहयोग और दुर्घटना करने वाले वाहन मालिक के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की।
गौरतलब है कि गुरुवार सुबह बागबेड़ा में तेज रफ्तार एक कार ने सड़क किनारे मौजूद चार लोगों को टक्कर मार दी थी। हादसे में शिक्षक प्रेम महतो गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि तीन अन्य लोगों को भी चोटें आईं। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश बना हुआ है।
इधर, मामले पर डीएसपी सुमित कुमार ने थप्पड़ मारने के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि “पूरे मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। एक युवक ने पैर पकड़ लिया था, जिसे केवल हटाया गया था।”
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और प्रशासन का कहना है कि सड़क हादसे से लेकर प्रदर्शन के दौरान हुई सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।