आदिवासी समाज के हित में कई मांगे रखीबोकारो:आदिवासी सेंगेल अभियान की तरफ से चास प्रखंड के अन्तर्गत बरुआटांड़ में संताल विद्रोह के 171 वां हूल दिवस संकल्प दिवस के रुप में मनाया गया। सभी ने महानायक वीर शहीद सिदो मुर्मू और कान्हू मुर्मू के चित्र पर पुष्प अर्पित किया एवं सेंगेल शपथ लिया गया।
30 जून 1855 को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ महान वीर शहीद सिदो मुर्मू के नेतृत्व में हुए ऐॆतिहासिक संताल हूल का 171 वां हूल दिवस मनाते हुए हम आदिवासी सेंगेल अभियान की ओर से आदिवासी समाज हित में भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से बोकारो जिला उपायुक्त के मार्फत निम्न मांगे प्रस्तुत करती है।
(1) भारत के लगभग 15 करोड़ आदिवासी जो अधिकांश आदिवासी हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आदि नहीं हैं, प्रकृति पूजक हैं। उनको स्वतंत्र धार्मिक मान्यता अर्थात “सरना धर्म” कोड प्रदान किया जाए।(2) आदिवासियों के महान धार्मिक स्थल झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित मरांग बुरु (पारसनाथ पहाड़), बोकारो जिले के लालपनिया में स्थित लुगुबुरु और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में स्थित अजोदिया बुरु को अन्य धर्मों के अतिक्रमण से बचाया जाए।(3) राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सबसे बड़ी आदिवासी भाषा संताली को आदिवासी बहुल प्रदेश झारखंड में प्रथम राजभाषा का दर्जा दिया जाए।(4) आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के नाम पर चालू वंशवादी स्वशासन व्यवस्था में सुधार कर संविधान कानून और जनतंत्र को लागू करना।(5) आदिवासियों के समाजिक, धार्मिक कार्यक्रम में नशा(शराब)की जगह बेरेल दा:(निर्मल जल) से करने।(6)असम और अण्डमान के झारखंडी आदिवासियों को ST का दर्जा दिया जाए।(7) महान् वीर शहीद सिदो मुर्मू और बिरसा मुंडा के वंशजों के नाम दो ट्रस्ट बना कर प्रत्येक को 100-100 करोड़ रुपए का जमा पूंजी (अनुदान) देने आदि।आजाद भारत के इतिहास में आज भी आदिवासी समाज अपने इन मौलिक अधिकारों से वंचित हैं, जो आदिवासी समाज के लिए दुर्भाग्य की बात है। आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व संसाद सालखन मुर्मू के नेतृत्व में लगातार इन मुद्दों को लेकर आन्दोलन किए जा रहे हैं।हम भारत के माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से आग्रह करते हैं कि आदिवासी समाज हित में इन सभी मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करेंगें।हूल दिवस पर संकल्प दिवस के रुप मानने पर उपस्थित बोकारो जिला अध्यक्ष सह बोकारो जोनल हेड सुखदेव मुर्मू, झारखंड प्रदेश संयोजक जयराम सोरेन, झारखंड प्रदेश संयोजक सह बोकारो जोनल परगना करमचंद हांसदा,सेंगेल युवा मोर्चा चास प्रखंड अध्यक्ष कालीचरण किस्कू, उपेन्द्र हेम्बरम,कृष्णा किस्कू, फूलचंद किस्कू,संजूल मुर्मू,बुटान बेसरा, साहिल हेम्बरम,बलबीर किस्कू आदि लोग मौजूद थे।
चास:आदिवासी सेंगेल अभियान संताल विद्रोह के 171 वां हूल दिवस संकल्प दिवस के रुप में मनाया









