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पश्चिमी सिंहभूम में 48 गौवंश को तस्करों के चंगुल से बचाया गया,ग्रामीणों,पुलिस व सामाजिक संगठनों के सहयोग से गौशाला भेजा

On: June 30, 2026 9:34 PM
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चाईबासा: 29 जून 2026 को लगभग दोपहर 1:00 बजे सूचना प्राप्त हुई कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के रेलवे स्टेशन सिमपोकरिया क्षेत्र के अंतर्गत तूतूगूतू गांव में 48 गौवंश संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाए जा रहे हैं।सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तत्काल मौके पर पहुंचा और आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की। इसके बाद बजरंग दल के गौ रक्षा जिला अध्यक्ष समीर पाल, भाजपा युवा नेता दुवारिका शर्मा सहित विभिन्न सामाजिक एवं गौ-सेवा संगठनों के कार्यकर्ता भी घटनास्थल पर पहुंचे।पुलिस प्रशासन, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों के संयुक्त सहयोग से सभी गौवंश को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित मुक्त कराया गया। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग और सक्रिय भागीदारी के कारण आज बड़ी संख्या में गौवंश को सुरक्षित बचाया जा सका।इसके उपरांत सभी गौवंश को सुरक्षित गौशाला पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि, गौशाला में पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण, प्रशासनिक एवं कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कुछ गौवंश को स्थानीय ग्रामीणों को विधिसम्मत तरीके से सुपुर्द किया गया, ताकि उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के अपराध करने का साहस न कर सके। गौ संरक्षण के लिए कानूनों का सख्ती से पालन और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई समय की आवश्यकता है।गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशु कल्याण से भी जुड़ा हुआ विषय है।समाज के सभी वर्गों से अपील की गई कि वे गौ तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें और कानून के दायरे में रहकर गौ संरक्षण में सहयोग करें।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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