बाबूलाल के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- जेपीएससी में भ्रष्टाचार बीजेपी शासन की पहचान रही है.
कांग्रेस प्रवक्ता हृषिकेश सिंह. (फोटो-ईटीवी भारत)
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता हृषिकेश सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य की महागठबंधन सरकार पर लगाये गये आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हृषिकेश सिंह ने बयान जारी कर कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में जेपीएससी में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और पैसे के आधार पर नियुक्तियों की परंपरा शुरू हुई, वही भाजपा नेता आज नैतिकता और पारदर्शिता की बात कर रहे हैं. यह सोचना भूल है कि जनता की याददाश्त कमजोर है।
जेपीएससी में भ्रष्टाचार की शुरुआत भाजपा शासन काल में हुई:ऋषिकेश
कांग्रेस प्रवक्ता हृषिकेश सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार के दौरान जब भी जेपीएससी की परीक्षाएं आयोजित की गईं, वे भ्रष्टाचार और विवादों की भेंट चढ़ गईं. पहली, दूसरी, तीसरी और छठी जेपीएससी परीक्षा को लेकर गंभीर अनियमितता, पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. इन मामलों में लंबी न्यायिक प्रक्रिया चली और उस दौर के कई अधिकारी आज जेल पहुंच चुके हैं. झारखंड के लोग इस इतिहास को नहीं भूले हैं.
‘बाबूलाल मरांडी को नैतिकता का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए’
हृषिकेश सिंह ने कहा कि बीजेपी शासनकाल में जेपीएससी का मतलब प्रतिभा नहीं, बल्कि सत्ता से निकटता, नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदार और पैसे वाले लोगों तक पहुंच था. योग्य और मेहनती युवाओं के सपनों से छेड़छाड़ की गई। आज बाबूलाल मरांडी उसी व्यवस्था को भूलकर नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उन्हें पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए.
‘शिकायत मिलने के बाद राज्य सरकार एक्शन में है’
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हृषिकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान गठबंधन सरकार ने जेपीएससी में सामने आयी शिकायतों को दबाया नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच करायी, दोषियों पर कार्रवाई की और स्पष्ट संदेश दिया कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा. बीजेपी और मौजूदा सरकार के बीच यही सबसे बड़ा अंतर है.
‘भ्रम फैलाकर राजनीतिक फायदा लेना चाहती है बीजेपी’
हृषिकेश सिंह ने कहा कि बीजेपी के पास जनता के सामने रखने के लिए कोई सकारात्मक मुद्दा नहीं बचा है. इसलिए वह हर विषय पर भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, लेकिन सच तो यह है कि जेपीएससी की साख को सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा शासनकाल में हुआ है. आयोग की विश्वसनीयता को धूमिल करने वाले आज युवाओं के हितैषी होने का दिखावा कर रहे हैं।
बाबूलाल मरांडी से मांगे गए सवालों के जवाब
हृषिकेश सिंह ने बाबूलाल मरांडी को सलाह दी कि उन्हें बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय पहले इस बात का जवाब देना चाहिए कि उनके शासनकाल में जेपीएससी में बार-बार भ्रष्टाचार के मामले क्यों सामने आए, योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय क्यों हुआ और उस दौर के अधिकारियों को भ्रष्टाचार के मामले में जेल कैसे भेजा गया, झारखंड की जनता इन सवालों का जवाब चाहती है.
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