मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। बिलारी कस्बे के एक मोहल्ले में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक हिंदू छात्रा के साथ कथित तौर पर कुछ सहपाठी मुस्लिम छात्राओं द्वारा धार्मिक दबाव बनाए जाने का आरोप लगा है। पीड़िता के परिवार का दावा है कि छात्रा को जबरन बुर्का पहनाने की कोशिश की गई और इस दौरान धर्म परिवर्तन को लेकर बातें कही गईं।
बताया जा रहा है कि सभी छात्राएं एक ही स्कूल में पढ़ती हैं और साथ-साथ ट्यूशन भी जाती हैं। यह घटना 14 जनवरी की बताई जा रही है, जब छात्रा कोचिंग से घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में पांच मुस्लिम छात्राओं ने उसे घेर लिया और कथित तौर पर बुर्का पहनाने का दबाव बनाया। पीड़िता के अनुसार, पहले उसने इसका विरोध किया, लेकिन मानसिक दबाव के चलते वह असहज स्थिति में आ गई।
वीडियो वायरल, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पीड़ित छात्रा घर पहुंचने के बाद रोने लगी और पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। छात्रा के भाई का आरोप है कि उसकी बहन से कहा गया कि यदि वह हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम स्वीकार कर लेती है तो उसकी जिंदगी बेहतर हो जाएगी।
परिवार का कहना है कि यह महज मज़ाक नहीं बल्कि एक सोची-समझी कोशिश हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई है कि इस घटना के पीछे किसी संगठित धर्मांतरण या ग्रूमिंग से जुड़ा गिरोह भी हो सकता है, हालांकि अभी तक इसका कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी
मामले की सूचना मिलते ही पीड़िता के भाई ने बिलारी थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने पांचों नामजद छात्राओं के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (एंटी-कन्वर्जन कानून) की धारा 3 सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा कायम किया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में आरोपी छात्राओं या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई होगी।
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई है। फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के अधीन है और सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।














