
कानपुर: उत्तरप्रदेश के कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की घर के अंदर बेरहमी से हत्या कर दी गई। जिस बहू शालू को ससुर की मौत के बाद फूट-फूटकर रोते देखा गया था, पुलिस के मुताबिक वही इस हत्याकांड की कथित मास्टरमाइंड निकली। पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि उसने अपने पुराने नौकर विशाल को ससुर की हत्या के लिए 6 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
मृतक विनीत मिनोचा शहर के बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से थोक दवा की फर्म चलाते थे और अपने कारोबार को बेटे सुब्रत के साथ मिलकर संभालते थे।
शनिवार की रात 63 वर्षीय विनीत मिनोचा की उनके ही फ्लैट में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद फ्लैट के अंदर उनका शव खून से लथपथ हालत में मिला था। कारोबारी की हत्या की खबर सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआत में मामला लूट या किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा हत्या किए जाने का लग रहा था, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो कहानी की कड़ियां परिवार के अंदर तक पहुंच गईं।
घटना वाली रात विनीत मिनोचा का बेटा सुब्रत, बहू और छह साल का पोता एक पारिवारिक पार्टी में शामिल होने के लिए बाहर गए थे। उस वक्त फ्लैट में विनीत मिनोचा अकेले मौजूद थे। देर रात करीब 3 बजे जब परिवार के लोग पार्टी से वापस लौटे और फ्लैट पर पहुंचे, तो मुख्य दरवाजा खुला मिला। दरवाजा खुला देखकर परिवार के लोग जैसे ही अंदर दाखिल हुए, उनके होश उड़ गए। कमरे के फर्श पर जगह-जगह खून फैला था और विनीत मिनोचा का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। घटना की सूचना तत्काल कल्याणपुर पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे फ्लैट की जांच शुरू कर दी। मामले में सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया।
विनीत मिनोचा की हत्या के बाद उनकी बहू शालू को रोते हुए देखा गया था। हालांकि, पुलिस जांच में उसके खिलाफ ऐसे साक्ष्य सामने आने का दावा किया गया है, जिनके आधार पर पुलिस ने उसे हत्या की साजिश में शामिल बताया है।
पुलिस के अनुसार, शालू ने कथित तौर पर अपने पुराने नौकर विशाल से संपर्क किया और विनीत की हत्या के लिए उसे 6 लाख रुपये की सुपारी दी। हत्या के बाद विशाल को 2 लाख रुपये देने और बाकी 4 लाख रुपये 15 दिन के भीतर देने की डील हुई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि विशाल पहले विनीत मिनोचा के घर में काम कर चुका था। इस वजह से उसे फ्लैट के अंदर आने-जाने के रास्तों और घर की व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। विशाल ने इस वारदात में अपने आपराधिक साथी राजकिशोर को भी शामिल कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने फ्लैट में दाखिल होने के लिए डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल किया। वारदात वाली रात विनीत का बेटा और बहू पार्टी में गए हुए थे। इसी दौरान विशाल और राजकिशोर फ्लैट के अंदर पहुंचे और बच्चों के कमरे में छिपकर विनीत के लौटने का इंतजार करने लगे।
जांच के मुताबिक, दोनों आरोपी करीब 72 मिनट तक फ्लैट के अंदर छिपे रहे। उनका कथित प्लान विनीत की हत्या को इस तरह अंजाम देने का था कि मौत सामान्य या हार्ट अटैक जैसी लगे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले सोते समय तकिए से विनीत का मुंह दबाकर हत्या करने की योजना बनाई थी। उन्हें उम्मीद थी कि इस तरह हत्या के निशान कम होंगे और मौत स्वाभाविक लग सकती है। लेकिन घटनाक्रम अचानक बदल गया।
पुलिस के मुताबिक, उस रात विनीत गलती से बच्चों के कमरे की तरफ चले गए। इसी कमरे में विशाल और राजकिशोर छिपे हुए थे। अचानक दोनों का आमना-सामना हो गया।
इसके बाद आरोपियों ने विनीत पर चाकू से ताबड़तोड़ 26 वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल होने के बाद विनीत की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।
हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके अलावा फ्लैट के गार्ड और अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई।
पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज और गार्ड के बयानों से मिले सुरागों के आधार पर हत्यारों की पहचान विशाल और राजकिशोर के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की लोकेशन मिलने के बाद जवाहरपुरम के पास उन्हें घेरने की कोशिश की गई। इस दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई।
मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद विशाल और राजकिशोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर हत्या की साजिश और सुपारी से जुड़ी अहम जानकारी मिली।
पुलिस जांच में हत्या की कथित वजह भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, विनीत मिनोचा अपने बेटे को ज्यादा पैसे नहीं देते थे। इसके अलावा वह बहू शालू के खर्चों और उसकी निजी जिंदगी को लेकर भी रोक-टोक करते थे। पुलिस का दावा है कि इन्हीं बातों को लेकर शालू अपने ससुर से नाराज थी और इसी नाराजगी के चलते उसने कथित तौर पर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची।
फिलहाल पुलिस ने बहू शालू, पूर्व नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब मामले में सामने आए साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चलेगा और आगे अदालत ही उनकी दोषसिद्धि तथा सजा पर फैसला करेगी।







