जमशेदपुर। जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने छात्राओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से हासिल की गई शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि अपने ज्ञान और प्रतिभा के जरिए समाज और देश के विकास में योगदान देना भी होना चाहिए।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि छात्राओं के लिए यह दिन उनकी शैक्षणिक यात्रा के समापन से ज्यादा नए जीवन की शुरुआत का अवसर है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे छात्राओं की मेहनत के साथ-साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
राज्यपाल ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जीवन में मिलने वाली हर कोशिश का परिणाम सफलता के रूप में नहीं आता। कई बार असफलताएं ही आगे की राह बेहतर तरीके से समझने का अवसर देती हैं। इसलिए किसी भी चुनौती या असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि डिग्री व्यक्ति के लिए नए अवसरों के दरवाजे खोल सकती है, लेकिन उसकी वास्तविक पहचान उसके चरित्र, व्यवहार, प्रतिभा और मूल्यों से बनती है। छात्राओं से उन्होंने सफलता के साथ नैतिकता, संस्कार और सकारात्मक सोच को भी अपने जीवन में बनाए रखने की अपील की।
हर क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी जरूरी
राज्यपाल ने छात्राओं से कहा कि वे अपनी क्षमता को केवल एक क्षेत्र तक सीमित न रखें। शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, चिकित्सा, उद्योग, खेल और सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़कर अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और शिक्षित बेटियां देश के विकास की मजबूत आधारशिला हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में कौशल विकास, नवाचार, शोध और रचनात्मक सोच को विशेष महत्व दिया जा रहा है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं, खासकर शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कुल 1,990 छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर छात्राओं में उत्साह का माहौल रहा। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि झारखंड की बेटियों में प्रतिभा और आगे बढ़ने की पूरी क्षमता मौजूद है।
उन्होंने छात्राओं से अपनी शिक्षा का लाभ व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रखने और समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए भी काम करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय से निकलते समय छात्राओं के पास केवल डिग्री नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संस्कार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प भी होना चाहिए।
कार्यक्रम में CSIR-NML के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार, कुलसचिव डॉ. सलोनी कुजूर सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।



