
जमशेदपुर। मेसर्स संधू टेक्नो इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड, रोड नंबर–12, जवाहर नगर, मानगो, जमशेदपुर, झारखंड–831012 के स्थायी एवं ठेका मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर यूनियन सदस्यों को कथित रूप से जबरन नाम वापस लेने के लिए दबाव बनाने तथा वित्तीय वर्ष 2024–25 एवं 2025–26 के बोनस का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है।
इन मुद्दों के विरोध में मजदूरों ने डीएलसी कार्यालय, जमशेदपुर पर प्रदर्शन किया तथा श्रम अधीक्षक-2 श्री अविनाश ठाकुर से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। महासंघ के अनुसार, यूनियन से नाम वापस लेने के संबंध में कंपनी के नोटिस बोर्ड पर चिपकाए गए नोटिस की तस्वीर भी साक्ष्य के रूप में सार्वजनिक की जा रही है।
मजदूरों ने पूर्व में ही प्रबंधन को यूनियन गठन की जानकारी देते हुए 20 प्रतिशत बोनस, ग्रेड रिवीजन, वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान एवं अन्य वैधानिक सुविधाओं की मांग की थी। महासंघ का आरोप है कि कंपनी में लाभ होने के बावजूद पिछले दो वित्तीय वर्षों के बोनस भुगतान को लेकर प्रबंधन आनाकानी कर रहा है और श्रमिकों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं ले रहा है।
मजदूर नेता राजीव पांडेय ने कहा कि यूनियन बनाना और श्रमिकों का संगठित होना उनका अधिकार है। यदि मजदूरों पर यूनियन से नाम वापस लेने के लिए दबाव बनाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जाँच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कंपनी प्रबंधन ने कथित श्रम कदाचार पर रोक लगाकर बोनस भुगतान एवं अन्य मांगों के समाधान के लिए शीघ्र वार्ता नहीं की, तो जोहार झारखण्ड श्रमिक महासंघ मजदूरों के साथ मिलकर सचिवालय तथा कारखाना निरीक्षक एवं उपमुख्य कारखाना निरीक्षक के समक्ष आंदोलन करने को बाध्य होगा। महासंघ ने मांग की है कि मांग-पत्र प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की जाए।
राजीव पांडेय ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों, सम्मान और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। मजदूर एकजुट हैं और अपने हक की रक्षा के लिए आगे की कानूनी एवं आंदोलनात्मक रणनीति तैयार कर रहे हैं







