
पूर्व मंत्री ने चुनावी निष्पक्षता, मतदाता सूची की अनियमितताओं और चीन से जुड़े सीमा विवाद पर सरकार से मांगा जवाब
झारखंड वार्ता संवाददाता
मेदिनीनगर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं झारखंड के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को धमकाने और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने के बजाय भाजपा को महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और सीमा सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार और नैतिक दायित्व है।
त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में अनियमितताओं को लेकर उठ रहे सवालों का सरकार और संबंधित संस्थाओं को पारदर्शी तरीके से जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मत की विश्वसनीयता सर्वोपरि है। ऐसे मामलों में आरोपों को दबाने के बजाय तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
पूर्व मंत्री ने अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में चीन से जुड़े सीमा विवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश की अखंडता और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से सीमा पर वास्तविक स्थिति और विदेश नीति से संबंधित मुद्दों पर देश के सामने पारदर्शी जानकारी रखने की मांग की।
महंगाई और बेरोजगारी पर भी उठाए सवाल
केएन त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी किसानों, युवाओं और गरीबों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को दबाने या धमकाने से महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने भाजपा से चुनाव के दौरान किए गए वादों पर अपनी उपलब्धियों का हिसाब देने की मांग की। इनमें महंगाई पर नियंत्रण, युवाओं को रोजगार, किसानों को उपज का उचित मूल्य और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।
त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वालों को विपक्ष की आवाज का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को सवाल पूछने वालों को धमकाने के बजाय जनता के प्रति अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनहित, निष्पक्ष चुनाव और देश की संप्रभुता से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।







