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धनबाद:लैंडस्लाइड आउटसोर्सिंग कंपनी की वैन 400 फीट खाई में गिरी, राहत बचाव कार्य जारी

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धनबाद:BCCL के एरिया नंबर 4 में एक भयानक हादसे की खबर आ रही है। जहां अचानक लैंडस्लाइड हो गया और मां अंबे आउटसोर्सिंग कंपनी की वैन तकरीबन 400 फीट नीचे खाई में जा गिरी है। जिस पर तकरीबन आधा दर्जन मजदूरों के सवार होने की बात बताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य जारी है घटना शुक्रवार की है।

घटना की सूचना मिलते ही बीसीसीएल के अधिकारी, सुरक्षा विभाग की टीम और रेस्क्यू दल मौके पर पहुंच गए। साथ ही कतरास थाना, रामकनाली ओपी और अंगारपथरा ओपी की पुलिस भी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। खाई में गिरी वैन को बाहर निकालने और मजदूरों की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के बाद लोगों में चीख पुकार मच गई है।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मां अंबे आउटसोर्सिंग कंपनी ने कोयला खनन के दौरान खदान सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं किया। डीजीएमएस (DGMS) के अनुसार, खदान की दीवारों को सीढ़ीनुमा (बेंचनुमा) बनाना अनिवार्य होता है, जिससे जमीन धंसने का खतरा कम हो जाता है। लेकिन कंपनी ने दीवारें सीधी रखीं, जिससे लैंडस्लाइड की स्थिति बनी और पत्थर वैन से टकरा गए।

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। बीसीसीएल और डीजीएमएस की टीम मौके पर पहुंचकर तकनीकी जांच कर रही है। मजदूरों की सुरक्षा को लेकर आउटसोर्सिंग कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने खनन कंपनियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई है और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह हादसा कोयला खदानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी और मजदूरों की जान को खतरे में डालने वाली व्यवस्था की पोल खोल रहा है। प्रशासन को चाहिए कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए।

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।