झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में विवादित टिप्पणी की. उन्होंने अपनी किताब का जिक्र करते हुए कहा, मैं अब भी कहता हूं कि नेहरू अय्याश थे, अय्याश थे.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार (28 जुलाई) को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने सलाहकार बदलने चाहिए और अगर सरकार ‘जेन जेड’ का भरोसा दोबारा जीतना चाहती है तो प्रधानमंत्री को न सिर्फ ‘कैमरे का एंगल’ बल्कि ‘दिल का एंगल’ भी बदलना होगा. लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल यानी सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए कि किसके आदेश पर छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस सांसद ने पूछा, ‘क्या हमारे छात्र आतंकवादी हैं?’
प्रियंका ने कहा कि देश की जनता सरकार से जवाबदेही मांग रही है, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिल रहा है. उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग का जिक्र करते हुए पूछा कि आंसू गैस के गोले छोड़ने, लाठीचार्ज करने और पैलेट गन का इस्तेमाल करने का आदेश किसने दिया? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए.
देश सांसदों की संपत्ति नहीं है
केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य ने कहा कि देश “सांसदों की संपत्ति नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है” और जनता के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। प्रियंका गांधी ने दावा किया कि आज युवाओं को लगने लगा है कि मेहनत से ज्यादा बेईमानी मायने रखती है. शिक्षा व्यवस्था के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें गंभीर खामियां हैं, बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं और परिवार कर्ज लेकर उनकी पढ़ाई करा रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर भी आरोप लगाया और तंज कसा कि प्रधानमंत्री ने ऐसे व्यक्ति को नया शिक्षा मंत्री चुना, जो एक गर्भवती बलात्कार पीड़िता के दोषियों को रिहा करने पर सहमत हुआ है.
‘नेहरू अय्याश थे, अय्याश थे’: निशिकांत दुबे
इस पर सत्ता पक्ष ने सदन में हंगामा करना शुरू कर दिया. कांग्रेस की ओर से केसी वेणुगोपाल ने भी प्रियंका के पक्ष में दलीलें दीं, लेकिन इस दौरान झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विवादित टिप्पणी कर दी. उन्होंने अपनी किताब का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं अब भी कहता हूं कि अगर नेहरू अय्याश थे, तो अय्याश थे।’ दुबे ने स्पीकर को संबोधित करते हुए कहा, ‘सर, मैं अपनी बात पर कायम हूं. और मैं इस बात को किताब से प्रमाणित करता हूं कि अगर नेहरू अय्याश थे, तो वे थे।
10 साल में 152 पेपर लीक
प्रियंका ने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन किसी के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. कांग्रेस सांसद ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था ही फेल हो गई है. उन्होंने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) ने “शर्मनाक परिस्थितियों” में इस्तीफा दे दिया, लेकिन संसद परिसर में सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों द्वारा उनका “सुपरस्टार की तरह स्वागत” किया गया। उन्होंने पूछा कि सरकार को किस बात पर इतना गर्व है? प्रियंका गांधी ने कहा, ”प्रधानमंत्री को अपने सलाहकार बदलने चाहिए.” शायद वह हकीकत से दूर हो गया है. नई कमेटियों से कुछ हासिल नहीं होगा।
किरण रिजिजू ने जताई आपत्ति, की माफी की मांग
उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ”अगर हम ‘जेन जेड’ का भरोसा दोबारा जीतना चाहते हैं तो कैमरे का एंगल बदलने से कुछ नहीं होगा.’ प्रधानमंत्री को कैमरे का नहीं बल्कि दिल का एंगल बदलना होगा.” कांग्रेस नेता ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का हवाला देते हुए एक टिप्पणी की, जिस पर सत्ता पक्ष ने तीखा विरोध दर्ज कराया. इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने आपत्ति जताई और कहा कि अगर प्रियंका गांधी अपने आरोपों की पुष्टि नहीं कर सकती हैं तो उन्हें सदन से माफी मांगनी चाहिए. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बिना तथ्यों के सदन में ऐसी बातें नहीं कही जानी चाहिए. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रियंका गांधी वाद्रा इस तरह का कोई भी आरोप लगाकर बच नहीं सकतीं. उन्होंने मांग की कि कांग्रेस सांसद सदन से माफी मांगें और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. (भाषा इनपुट के साथ)




