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खबर का असर: प्रसव में लापरवाही मामले में दो एएनएम को नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

On: July 2, 2026 9:35 PM
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झारखंड वार्ता में खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई

श्री बंशीधर नगर (गढ़वा): अनुमंडलीय अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही और मृत नवजात जन्म के मामले में झारखंड वार्ता में प्रकाशित समाचार का असर देखने को मिला है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. सुचित्रा कुमारी ने ड्यूटी पर तैनात दो एएनएम ममता कुमारी और फूलकुमारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।

उपाधीक्षक की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि 29 जून को प्रकाशित समाचार में प्रसव के दौरान चिकित्सीय लापरवाही, समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक को नहीं बुलाने तथा गंभीर स्थिति के बावजूद बेहतर इलाज के लिए रेफर नहीं किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के आलोक में संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से आवश्यक साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है।

गौरतलब है कि 27 जून की रात खरौंधी थाना क्षेत्र के राजी चौरा गांव निवासी नमु पासवान अपनी 20 वर्षीय पत्नी नेहा कुमारी को प्रसव के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि प्रारंभिक जांच के बाद ड्यूटी पर मौजूद एएनएम ने सुबह चार से पांच बजे के बीच प्रसव होने की बात कहकर गर्भवती को टहलने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि पूरी रात प्रसव पीड़ा से तड़पने के बावजूद महिला की समुचित निगरानी नहीं की गई, जिसके बाद मृत नवजात का जन्म हुआ और अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया था।

उपाधीक्षक डॉ. सुचित्रा कुमारी ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है तो संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।

अस्पताल प्रबंधन की इस कार्रवाई को मामले में प्रशासन की त्वरित पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब पीड़ित परिवार सहित स्थानीय लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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