शुभम जायसवाल
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। श्री बंशीधर नगर नगर पंचायत क्षेत्र में चल रहे स्ट्रीट लाइट लगाने के कार्य में सुरक्षा मानकों की खुली धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नगर पंचायत की लापरवाही का आलम यह है कि बिजली कर्मी बिना किसी परमिट, सुरक्षा बेल्ट या उपकरण के ऊंचे बिजली पोल पर चढ़कर तारों का जोड़-तोड़ कर रहे हैं। जबकि लाइन पूरी तरह चालू है।
घटना की तस्वीरें इस लापरवाही की गवाही दे रही हैं — एक बिजली कर्मी बिना सेफ्टी बेल्ट और बिना जूते के 440 वोल्ट के पोल पर चढ़ा हुआ है। खतरनाक रूप से खुले तारों के बीच काम करते हुए कर्मी की जान पर कभी भी संकट आ सकता था। नपं की इस लापरवाही पर अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर जिम्मेदार कौन है?
जब कर्मी से इस जोखिम भरे काम के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि उसका नाम उदेश पाल, पिता विंध्याचल पाल, निवासी ग्राम कुष्डंड का रहने वाला है। उसने कहा कि वह नगर पंचायत के जेई सुधीर सिंह के आदेश पर शहरी क्षेत्रों में लगे स्ट्रीट लाइट को जोड़ने का काम कर रहा है।
उसने बेखौफ होकर बताया कि हम 440 वोल्ट के बिजली पोल पर बिना परमिट के चढ़ते हैं। बिजली रहे या न रहे, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। लाइन चालू रहती है तो भी हम काम करते हैं, करंट लगने का डर नहीं रहता।
यह बयान न केवल हैरान करने वाला है बल्कि नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बिजली विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी पोल पर चढ़ने से पहले लाइन को बंद कराना और सेफ्टी परमिट लेना अनिवार्य होता है। लेकिन नगर पंचायत द्वारा इस नियम की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे मानव जीवन से खिलवाड़ है। जिस कर्मी से काम कराया जा रहा है, उसकी जान की कोई कीमत नहीं समझी जा रही। काम के दौरान सुरक्षा किट, बेल्ट, दस्ताने और उचित प्रशिक्षण की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। लेकिन नगर पंचायत की ओर से इनका कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
किसी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेवार कौन होगा? नगर पंचायत की इस लापरवाही ने एक बार फिर प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़ा कर दिया है। विकास के नाम पर आखिर कब तक मजदूरों की जान को यूं ही जोखिम में डाला जाएगा?
क्या कहते है बिजली विभाग के वरीय पदाधिकारी
इस संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ प्रदीप सिंह ने बताया कि यह मामला अत्यंत गंभीर और नियम विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि बिना विभागीय अनुमति (परमिट) के किसी भी व्यक्ति का बिजली पोल पर चढ़ना पूरी तरह गैरकानूनी है। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत द्वारा बिना पूर्व सूचना दिए और बिजली चालू रहने के बावजूद कर्मी को पोल पर चढ़ाना गंभीर लापरवाही है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। उन्होंने कहा कि विभाग इस प्रकरण की जांच करेगा और बिना अनुमति पोल पर चढ़ने वाले व्यक्ति तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मामला गंभीर, संबंधित व्यक्ति पर होगी एफआईआर : जेई बिजली विभाग
वहीं, जेई महादेव महतो ने बताया कि संबंधित व्यक्ति की पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है, बिना सूचना दिए बिजली चालू रहने के दौरान पोल पर चढ़ना गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
440 वोल्ट लाइन पर काम के लिए परमिट की आवश्यकता नहीं : नपं जेई सुधीर सिंह
वहीं नगर पंचायत के जेई सुधीर सिंह ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 440 वोल्ट की लाइन पर कार्य करने के लिए विभागीय परमिट की आवश्यकता नहीं होती है। केवल 11 हजार वोल्ट पर कार्य करने की स्थिति में ही परमिट लेना अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के निर्देश पर शहर के विभिन्न वार्डों में स्ट्रीट लाइट लगाने और पुराने लाइटों की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है।














