रांची: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश पर शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में 19 पीड़ितों के बीच 50,05,000 रुपए की मुआवजा राशि वितरित की गई। कुल 86,638 वादों का निपटारा किया गया और 5 अरब, 30 करोड़, 87 लाख, 75 हजार 272 रुपए रुपए की समझौता राशि की वसूली विभिन्न वादों में की गई। इसमें प्रीलिटिगेशन एवं लिटिगेशन के वाद शामिल हैं। लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायिक दंडाधिकारियों के लिए 40 बेंच और कार्यपालक दंडाधिकारियों के लिए 20 बेंच का गठन किया गया था। इस दौरान काफी संख्या में लोग पहुंचे थे।
कार्यक्रम के दौरान लोक अदालत के लाभुकों के बीच सभी न्यायाधीशों ने चेक का वितरण किया। लोक अदालत के दौरान पारिवारिक विवाद खत्म कर दुबारा एक हुए दो जोड़ों को चीफ जस्टिस ने उपहार देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। न्यायायुक्त दिवाकर पांडेय ने कहा कि वादों के निस्तारण का सबसे सुलभ माध्यम लोक अदालत है। लोक अदालत के आयोजन से वादों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाया जाता है। इससे न्यायालय का लंबित मामला कम होता है।