
बोकारो: भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बोकारो जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के एक चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर चंद्रशेखर गुप्ता को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर का कार्यक्षेत्र भोजूडीह, जिला बोकारो बताया गया है।आरोपी अधिकारी पर मेडिकल लीव मंजूर करने के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। सीबीआई ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को ट्रैप कार्रवाई करते हुए अधिकारी को 10 हजार रुपये लेते पकड़ा।
गिरफ्तार अधिकारी की तैनाती दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा डिवीजन के भोजूडीह में चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर के पद पर थी। उनका कार्यक्षेत्र बोकारो जिले से संबंधित बताया गया है।
मेडिकल लीव के बदले मांगी थी 25 हजार रुपये रिश्वत
सीबीआई के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने अधिकारी के खिलाफ मेडिकल लीव स्वीकृत करने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। आरोप है कि अधिकारी ने इस काम के लिए कुल 25 हजार रुपये की अनुचित राशि की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने प्रारंभिक स्तर पर आरोपों की जांच की। शिकायत में प्रथम दृष्टया तथ्य पाए जाने के बाद एजेंसी ने 15 सितंबर को मामला दर्ज किया और आरोपी को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई।
10 हजार रुपये लेते ही CBI ने दबोचा
योजना के तहत शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया। इसी दौरान अधिकारी ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर स्वीकार किए। रकम लेते ही मौके पर पहले से मौजूद सीबीआई की टीम ने आरोपी को पकड़ लिया।
जांच एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान रिश्वत के तौर पर दी गई 10 हजार रुपये की रकम भी बरामद कर ली।
कार्यालय और आवास पर भी तलाशी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम ने आरोपी रेलवे अधिकारी के कार्यालय और आवासीय परिसर में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की गई।
सीबीआई ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी रिश्वत मांगने और स्वीकार करने से जुड़े पूरे घटनाक्रम के साथ-साथ अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच कर रही है।
अदालत में होगी पेशी
सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अधिकारी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए धनबाद स्थित सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों और साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।






