जमशेदपुर

मुसाबनी में करंट लगने से पांच हाथियों की मौत,भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी का वन व बिजली विभाग पर गंभीर आरोप

ट्वीट कर सीएम हेमंत केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और अश्वनी वैष्णव से जांच कमेटी गठन की मांग की

जमशेदपुर :मुसाबनी में बिजली करंट लगने से पांच हाथियों की दर्दनाक मौत की खबर को झारखंड के भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता और पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी गंभीर हो गए हैं उन्होंने हाथियों की मौत पर गहरी संवेदना प्रकट की है और इस मामले को लेकर उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ट्वीट करते हुए केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव तथा अश्विनी वैष्णव से मामले में संज्ञान लेकर जाँच कमिटी के गठन की माँग रखी है। साथ ही उन्होंने इस मामले में वन विभाग और बिजली विभाग की भूमिका को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

उन्होंने क्षेत्र में लगातार ऐसे मामले सामने आने पर उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीएफओ ममता प्रियदर्शी की कार्य संस्कृति पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने ऐसी घटनाओं के पीछे वन विभाग और विद्युत विभाग के मध्य समन्वय के घोर अभाव और फील्ड वर्क की नगण्य स्थिति को मुख्य कारण बताया है।

पूर्व विधायक का आरोप है कि डीएफओ की भूमिका हाथियों की मृत्यु के बाद महज फ़ोटो सेशन करने और मुआवजा बाँटने तक सीमित है।

कुणाल षाडंगी ने अपने इस आक्रामक ट्वीट में डीएफओ की भूमिका पर कई सवाल उठाये है। उन्होंने पूछा है कि इससे पहले भी हाल ही में चाकुलिया में दो हाथियों की बिजली करंट से मौत हुई थी।घटना के बाद से अबतक एलिफेन्ट कॉरिडोर में ऐसी वारदात पर अंकुश लगे इसके लिए जिला वन पदाधिकारी ने बिजली विभाग के संग समन्वय और संयुक्त निगरानी हेतु कौन से कार्य किये हैं इसकी जाँच जरूरी है. उन्होंने जिला उपायुक्त के स्तर से भी घटना की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है। कुणाल की ट्वीट के बाद हड़कंप मच गई है।

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Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।