
जमशेदपुर: शहर के गोलमुरी चौक के समीप स्थित केनरा बैंक की शाखा में गुरुवार सुबह हथियारबंद अपराधियों ने बड़ी डकैती को अंजाम दिया। मूसलाधार बारिश की आड़ में रेनकोट और कैप पहनकर पहुंचे पांच अपराधियों ने महज 24 मिनट में बैंक कर्मियों को बंधक बनाकर चेस्ट और गोल्ड सेफ से करीब 23 किलोग्राम सोना और 43 लाख रुपये नकद लूट लिए। लूटे गए सोने की अनुमानित कीमत करीब 36 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2000 में झारखंड गठन के बाद किसी वित्तीय संस्थान में हुई यह अब तक की सबसे बड़ी डकैती बताई जा रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी दो बाइकों पर सवार होकर फरार हो गए।
बैंक खुलते ही दाखिल हुए पांच अपराधी
घटना गुरुवार सुबह करीब सवा नौ बजे की है। बैंक खुलने के बाद अंदर सफाई का काम चल रहा था। इसी दौरान तेज बारिश का फायदा उठाते हुए रेनकोट और कैप पहने पांच अपराधी सामान्य ग्राहकों की तरह बैंक के अंदर दाखिल हुए।
मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड संतोष कुमार ने उनके संदिग्ध हाव-भाव को देखकर पूछताछ की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान एक अपराधी ने पिस्टल की बट से उनके सिर पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद गार्ड जमीन पर गिर पड़े।
इसके बाद अपराधियों ने हथियार लहराते हुए बैंक के कर्मचारियों को अपने कब्जे में ले लिया। विरोध या शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी गई। बैंक कर्मचारियों को एक कोने में बैठाकर अपराधियों ने पूरी वारदात को अंजाम दिया।
शाखा प्रबंधक की कनपटी पर सटाई पिस्टल
डकैतों में से तीन सीधे शाखा प्रबंधक अजीत कुमार के केबिन में पहुंचे। आरोप है कि अपराधियों ने उनकी कनपटी पर पिस्टल सटा दी और गोली मारने की धमकी देते हुए उन्हें स्ट्रांग रूम तक ले गए।
दहशत के बीच अपराधियों ने शाखा प्रबंधक से चेस्ट और गोल्ड सेफ की चाबियां हासिल कीं। इसके बाद चेस्ट खोला गया और उसमें रखे 43 लाख रुपये नकद निकाल लिए गए।
इसके बाद अपराधियों ने गोल्ड लोन से जुड़े सेफ को निशाना बनाया। सेफ में रखे करीब 600 पैकेट अपराधियों ने अपने बैग में भर लिए। इन पैकेटों में ग्राहकों का लगभग 23 किलोग्राम सोना रखा हुआ था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 36 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
दो बाइकों पर सवार होकर भागे अपराधी
बैंक के अंदर लूटपाट पूरी करने के बाद अपराधी बाहर निकले। सड़क पर उनके दो सहयोगी पहले से बाइक स्टार्ट कर इंतजार कर रहे थे। इसके बाद पांचों अपराधी दो बाइकों पर सवार हुए और मुख्य मार्ग की ओर फरार हो गए।
पूरी वारदात बैंक के अलावा आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई है। पुलिस इन फुटेज को खंगालकर अपराधियों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है।
कई दिनों से रेकी करने का शक
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने से पहले अपराधियों ने बैंक की कई दिनों तक रेकी की थी। सीसीटीवी फुटेज में बैंक खुलने के समय, सुरक्षा व्यवस्था और आसपास के रास्तों की जानकारी होने के संकेत मिले हैं।
अपराधियों ने बैंक में प्रवेश से लेकर लूट और फरार होने तक की पूरी घटना को बेहद कम समय में अंजाम दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह को बैंक में रखे सोने और नकदी की जानकारी कैसे मिली।
SIT का गठन
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 पुलिस अधिकारियों की विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। टीम बैंक के सीसीटीवी फुटेज, आसपास के कैमरों, तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध मोबाइल गतिविधियों की जांच कर रही है।
जमशेदपुर से सटे सरायकेला और चाईबासा के अलावा पश्चिम बंगाल और ओडिशा से जुड़ी सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। टोल प्लाजा और प्रमुख चेक पोस्टों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
पुलिस की टेक्निकल सेल और सर्विलांस टीम अपराधियों के हुलिए और वारदात के तरीके का मिलान अंतरराज्यीय डकैत गिरोहों के उपलब्ध डोजियर से कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही गिरोह तक पहुंचने में मदद मिलेगी।






