
लातेहार। मनिका थाना क्षेत्र के बंदुआ गांव से 15 अगस्त को लापता हुए 16 वर्षीय छोटू कुमार की हत्या की गुत्थी पुलिस ने करीब 38 दिन बाद सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद में छोटू की उसके ही परिचित युवकों ने हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को कुमंडीह क्षेत्र के बंशी नाला के पास जंगल में छिपा दिया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जंगल से कंकाल, स्कूल ड्रेस, चप्पल और मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद किया है।
15 अगस्त को अचानक लापता हुआ था छोटू
जानकारी के मुताबिक, बंदुआ गांव निवासी कृष्णा प्रसाद का 16 वर्षीय पुत्र छोटू कुमार 15 अगस्त को लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। बाद में 22 अगस्त को परिजनों की शिकायत पर मनिका थाना में अपहरण से संबंधित मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए लातेहार एसपी कुमार गौरव के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
मोबाइल बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि प्रेमचंद भुइयां, शिवम भुइयां और 17 वर्षीय एक किशोर छोटू को मोबाइल छीनने के इरादे से अपने साथ ले गए थे। पुलिस का कहना है कि मोबाइल को लेकर विवाद बढ़ गया और छोटू ने फोन देने या वापस लेने का विरोध किया। इसी दौरान आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी।
रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों ने छोटू को बाइक से कुमंडीह इलाके के बंशी नाला की ओर ले जाया था। पुलिस के मुताबिक, वहीं उसकी हत्या की गई और शव को जंगल में छिपा दिया गया।
मोबाइल की बिक्री से खुला हत्या का राज
पुलिस जांच में मृतक के मोबाइल फोन की तकनीकी निगरानी महत्वपूर्ण साबित हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के बाद मोबाइल को करीब 3,200 रुपये में बेच दिया था। मोबाइल खरीदने वाले व्यक्ति से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस संदिग्धों तक पहुंची। इसके बाद पूछताछ में मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।
आरोपियों की निशानदेही पर जंगल से मिला कंकाल
पूछताछ के बाद पुलिस टीम आरोपियों को लेकर कुमंडीह जंगल पहुंची। उनकी निशानदेही पर बंशी नाला क्षेत्र से छोटू के कंकाल को बरामद किया गया। घटनास्थल से स्कूल यूनिफॉर्म, चप्पल और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बताई गई बाइक को भी जब्त किया है।
दो आरोपी जेल भेजे गए, नाबालिग को बोर्ड के समक्ष पेश किया गया
पुलिस ने मामले में प्रेमचंद भुइयां (19) और शिवम भुइयां उर्फ शिवम कुमार उर्फ श्याम (20) को गिरफ्तार किया है। वहीं, 17 वर्षीय आरोपी को निरुद्ध किया गया है। दोनों वयस्क आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि नाबालिग को नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस टीम ने तकनीकी और मानवीय जांच से सुलझाया मामला
लातेहार पुलिस के अनुसार, मामले में तकनीकी विश्लेषण के साथ-साथ मानवीय स्रोतों से मिली जानकारी का भी इस्तेमाल किया गया। जांच टीम में डीएसपी प्रदीप कुमार, मनिका थाना प्रभारी विक्रांत कुमार उपाध्याय, अनुसंधानकर्ता एसआई अवनीश कुमार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे।
पुलिस अब बरामद कंकाल और अन्य साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच समेत मामले से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना के बाद करीब डेढ़ महीने तक लापता रहे छोटू के मामले में पुलिस के इस खुलासे से पूरे घटनाक्रम की तस्वीर सामने आई है।




