
गढ़वा में सरकार पर जमकर बरसे भाजपा नेता
आकाश लोहार
गढ़वा
सड़कों पर उतरी भीड़,हाथों में तख्तियां और जुबान पर सवाल,मुद्दा सिर्फ एक नहीं था,कहीं युवाओं के भविष्य की चिंता थी,तो कहीं सरकारी योजनाओं और कथित अवैध कारोबार को लेकर सरकार से जवाब मांगने की आवाज,झारखंड भाजपा के नेतृत्व में राज्य के सभी 24 जिलों में डीसी और एसपी कार्यालय घेराव कार्यक्रम के तहत मंगलवार को गढ़वा में भी भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन किया,कार्यक्रम की शुरुआत टाउन हॉल मैदान से हुई,जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक जुटे,इसके बाद समाहरणालय घेराव के लिए कार्यकर्ता आगे बढ़े।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देश के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और गढ़वा के स्थानीय भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी शामिल हुए,समाहरणालय घेराव से पहले टाउन हॉल मैदान में सभा आयोजित की गई,जिसे दोनों नेताओं ने संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।
सभा को संबोधित करते हुए विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट है और जनता से जुड़े कई गंभीर सवालों को लेकर भाजपा सड़क पर उतरी है,उन्होंने बालू और कोयले के कथित अवैध कारोबार को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए,विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में बालू और कोयले की कालाबाजारी हो रही है और आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
विधायक ने मंईयां सम्मान योजना और सरकारी नौकरियों को लेकर भी सरकार को घेरा,उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे वर्षों तक पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बाद भी नौकरी के लिए भटक रहे हैं,जबकि प्रभावशाली लोगों के बच्चों को पैसे और पहुंच के बल पर सरकारी पद मिलने के आरोप सामने आ रहे हैं।
सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि भाजपा के दबाव के बाद कुछ परीक्षाएं रद्द की गई हैं,लेकिन केवल परीक्षा रद्द कर देना समस्या का समाधान नहीं है,उन्होंने जेएसएससी और जेपीएससी से जुड़ी कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई,विधायक ने छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान जेएमएम से जुड़े लोगों ने छात्रों के साथ मारपीट की,उन्होंने छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की।
वहीं,मुख्य अतिथि रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अपने संबोधन में जेपीएससी,जेएसएससी और सीजीएल सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला,उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को लेकर भाजपा पूरे राज्य में आंदोलन कर रही है और पार्टी की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए तथा छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
संजय सेठ ने आरोप लगाया कि झारखंड में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है,उनके मुताबिक मामला सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं है,बल्कि पदों की कथित खरीद फरोख्त तक के आरोप सामने आए हैं,उन्होंने अलग अलग सरकारी पदों को लेकर करोड़ों रुपये के कथित लेन देन के आरोप भी लगाए और कहा कि पूरे मामले की गहराई से जांच जरूरी है।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने बिना किसी राजनीतिक समर्थन और बिना किसी देशविरोधी नारे के शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन किया था,इसके बावजूद आंदोलन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज,आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उन्होंने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाया।
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि किसी परीक्षा को रद्द कर देना पूरे मामले का समाधान नहीं हो सकता,जरूरत इस बात की है कि आखिर परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी कैसे हुई,इसके पीछे कौन लोग हैं और पूरे मामले में किसकी भूमिका है,इसका निष्पक्ष तरीके से पता लगाया जाए।
संजय सेठ ने कुछ कंपनियों को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए,उन्होंने आरोप लगाया कि जिन कंपनियों पर दूसरे राज्यों में कार्रवाई हुई या जिन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया,उन्हें झारखंड में काम दिया गया,उन्होंने दावा किया कि कथित घोटाले से जुड़े कई सबूत मौजूद हैं और इसी कारण मामले की जांच सीबीआई से कराना जरूरी है,बालू,कोयला और गिट्टी से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए संजय सेठ ने कहा कि इन मामलों की जांच पहले सीआईडी को दी गई,लेकिन अपेक्षित ठोस कार्रवाई नहीं हुई,ऐसे में जेएसएससी जेपीएससी से जुड़े कथित घोटालों की जांच भी सीआईडी के बजाय सीबीआई से कराई जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी चुनौती दी कि यदि युवाओं के भविष्य की इतनी ही चिंता है,तो वे भी मामले की सीबीआई जांच की मांग करें और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाएं,संजय सेठ ने आरोप लगाया कि मामला सिर्फ परीक्षा केंद्रों या विभागीय स्तर तक सीमित नहीं है,बल्कि इसकी कड़ियां मुख्यमंत्री आवास तक जुड़ी हुई हैं,हालांकि,सरकार की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गढ़वा में आयोजित यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ,जब प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है,भाजपा ने जहां इसे युवाओं के हक और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई बताया,वहीं सरकार पर लगाए गए आरोपों ने एक बार फिर झारखंड की राजनीति में परीक्षा व्यवस्था,रोजगार और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।




