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रेलवे ट्रैक पर रील बनाना पड़ा भारी, ट्रेन से कटकर बिहार के 2 युवकों की मौत; लाश के टुकड़े समेटने में लगे 5 घंटे

On: January 2, 2026 10:36 PM
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झज्जर: हरियाणा के झज्जर जिले में सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का जुनून दो परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गया। रेलवे ट्रैक पर रील शूट करने के दौरान तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद दोनों के गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।


मृतकों की पहचान पश्चिम चंपारण के योगापट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत फतेहपुर बढ़ाई टोला निवासी राहुल ठाकुर (20) और बैरिया प्रखंड की बथना पंचायत स्थित सुदामानगर निवासी रोहित ठाकुर (21) के रूप में हुई है। दोनों आपस में रिश्तेदार थे और झज्जर में रहकर काम कर रहे थे।


रील बना हादसे का कारण


यह दर्दनाक हादसा बीते बुधवार की शाम झज्जर के एक रेलवे ट्रैक पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राहुल और रोहित रेलवे लाइन पर खड़े होकर मोबाइल से रील बना रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज रफ्तार ट्रेन आ गई और दोनों उसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।


पांच घंटे की मशक्कत के बाद हटे शव


घटना की सूचना मिलते ही झज्जर पुलिस मौके पर पहुंची। शवों की स्थिति बेहद गंभीर होने के कारण उन्हें ट्रैक से हटाने और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में पुलिस को करीब पांच घंटे का समय लग गया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।


मना करने के बावजूद नहीं माने युवक


मृतक राहुल और रोहित झज्जर में अपने परिजन नारद ठाकुर की नाई की दुकान पर काम करते थे। नारद ठाकुर ने बताया कि बुधवार शाम दोनों ने कहा था कि वे थोड़ी देर में रेलवे ट्रैक के पास रील बनाकर लौट आएंगे। उन्होंने दोनों को वहां जाने से मना भी किया, लेकिन सोशल मीडिया का आकर्षण चेतावनी पर भारी पड़ गया। कुछ ही देर बाद उन्हें हादसे की सूचना मिली, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।


गांवों में पसरा मातम


गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद झज्जर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए। एंबुलेंस के जरिए दोनों शवों को बिहार लाया गया। जैसे ही शव गांव पहुंचे, वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और बुधवार से दोनों घरों में चूल्हे तक नहीं जले हैं।


सोशल मीडिया के प्रति बढ़ती लापरवाही पर सवाल


इस हादसे ने एक बार फिर सोशल मीडिया के लिए जान जोखिम में डालने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे ट्रैक जैसे खतरनाक स्थानों पर रील बनाना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। यह घटना युवाओं के लिए एक कड़ा सबक है कि कुछ सेकेंड की लोकप्रियता के चक्कर में जिंदगी दांव पर लगाना कितना घातक हो सकता है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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