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हमास ने 7 बंधकों को छोड़ा, इजरायल में जश्‍न का माहौल; थोड़ी देर में 13 और रिहा होंगे

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Hostage Release: दो साल तक चले भीषण युद्ध के बाद सोमवार सुबह मध्य पूर्व में राहत की एक बड़ी खबर आई। हमास ने सात इजरायली बंधकों को रिहा कर उन्हें रेड क्रॉस की निगरानी में इजराइली अधिकारियों को सौंप दिया। यह रिहाई इजरायल और हमास के बीच प्रस्तावित नए गाजा युद्धविराम समझौते की दिशा में पहला ठोस कदम मानी जा रही है। एक ऐसा समझौता जिसने लंबे समय से अपने परिजनों की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों में नई उम्मीद जगाई है। थोड़ी देर बाद 13 और जीवित बंधकों को रिहा किया जाएगा। हमास ने रिहा होने वाले सभी बंधकों के नाम भी जारी कर दिए है। इनमें नेपाली बंधक विपिन जोशी का नाम नहीं हैं।

रिहा किए गए बंधकों में एतान मोर, गली बर्मन, जिव बर्मन, मतन एंग्रिस्ट, ओमरी मिरान, गाय गिल्बोआ दलाल और एलन अहेल शामिल हैं। इन सातों को अब पूरे इजरायल में साहस, जीवटता और अस्तित्व के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। बंधकों की रिहाई को लेकर इजरायल में जश्न भी शुरू हो गया है।

समझौते के तहत, इजरायल में कैद 1,900 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले कुल 20 इजरायली बंधकों को मुक्त किया जाएगा। सोमवार को सात बंधकों की रिहाई के बाद अब 13 और बंधकों की रिहाई की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें एव्याटर डेविड, एविनातन ओर, एरियल क्यूनियो, डेविड क्यूनियो, निम्रोद कोहेन, बार कुपरस्टीन, योसेफ चैम ओहाना, सेगेव कालफॉन, एल्काना बोहबोट, मैक्सिम हर्किन, एटन हॉर्न और रोम ब्रास्लावस्की शामिल हैं।

हालांकि इजरायली अधिकारियों ने अब तक रिहा किए गए बंधकों की शारीरिक या मानसिक स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन इस खबर ने पूरे देश में भावनाओं की लहर दौड़ा दी है। तेल अवीव समेत कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए, इजराइली झंडे लहराते हुए “Bring Them Home! (उन्हें घर वापस लाओ!)” के नारे लगाए। कई सार्वजनिक स्थानों पर लाइव प्रसारण देखने के लिए भीड़ उमड़ी और परिवार एक-दूसरे से गले मिलकर रो पड़े।

दक्षिणी इजरायल के रीम सैन्य अड्डे के बाहर सूर्योदय के समय का दृश्य बेहद भावुक था। परिवारजन, सैनिक और नागरिक हाथों में झंडे लिए चुपचाप इंतजार कर रहे थे। कुछ के हाथों में बंधकों की तस्वीरें थीं, जबकि कुछ प्रार्थना में लीन थे। जैसे ही हेलीकॉप्टर उतरे, बंधकों को प्रारंभिक चिकित्सा जांच और भावनात्मक सहयोग के लिए अस्पतालों में ले जाया गया।

हालांकि इन बंधकों की ठीक होने की लंबी यात्रा अभी शुरू ही हुई है, लेकिन उनकी रिहाई ने पूरे देश में आशा, एकता और राहत की नई भावना जगा दी है। इजरायलियों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं कि दो साल के भय, युद्ध और अनिश्चितता के बाद आखिरकार उनके अपने सुरक्षित घर लौट रहे हैं।

यह रिहाई न केवल मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भविष्य के संभावित युद्धविराम और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक ऐतिहासिक मोड़ भी साबित हो सकती है।

इजरायली बंधकों की रिहाई के बीच अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप इजरायल पहुंच गए हैं। ट्रंप का एयरफोर्स वन व‍िमान तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उतरा। इजरायली पीएम नेतन्‍याहू और उनकी पत्‍नी सारा, ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्‍नर और उनकी पत्‍नी इवांका ट्रंप ने एयरपोर्ट पर अमेर‍िकी राष्‍ट्रपति का जोरदार स्‍वागत किया।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।