गढ़वा: रंका प्रखंड के विश्रामपुर और बलिगाढ गांव के ग्रामीणों की बैठक बाइस प्लॉट में हुई। बैठक में ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक के समकक्ष अपने समस्या को रखा।
स्थानीय आदिवासी समाज के लोगो ने कहा कि कुटकु मंडल डूब क्षेत्र के लोगो को विश्रामपुर और बलीगढ़ गांव में विस्थापित करने का कार्य किया जा रहा है।

उक्त लोगो के यहां विस्थापित होने से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी है। स्थानीय लोगों का जीविका इस जंगल से है। ओर यहां कुटकु के लोगो को विस्थापित कर दिया गया तो स्थानीय लोगों का रोजगार छिन जाएगा।

वहीं इस बैठक में कुटकु डूब क्षेत्र से आए लोगों ने कहा कि उक्त इलाका में उनका करीब 20 एकड़ भूमि है। लेकिन राज्य सरकार उन्हें विस्थापित करते हुए 1 एकड़ भूमि उपलब्ध करा रही है। ऐसे में उक्त भूमि पर जीवन यापन करना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा को राज्य सरकार उन्हें पेशा कानून अधिकार से भी वंचित किया जा रहा हैं। स्थानीय लोगों की समस्या सुनने के बाद विधायकव कहा कि राज्य सरकार सिर्फ आदिवासी का हक अधिकार का हनन नहीं कर रही है। बल्कि पलामू की धरती से अग्रेजों के ख़िलाफ़ लड़ने वाले अस्तित्व को भी मिटाना चाहती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेज भी नीलांबर पीतांबर को डुबाने के लिए लिए ही मंडल डैम का निर्माण किया था। आज वही काम राज्य सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव या पंचायत में विस्थापित करने से पूर्व ग्राम सभावकी अनुमति ली जाती है। लेकिन यहां गढ़वा जिला प्रशासन यहां बल पूर्वक कुटकु डूब क्षेत्र के आदिवासी, ओर बलीगढ़ विश्रामपुर के आदिवासी का हक ओर अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि डूब क्षेत्र के लोग सीमित संसाधन में विस्थापित नहीं होना चाहते है। अगर प्रशासन के द्वारा उन्हें विस्थापित कर दिया जाता है। तो उन्हें खाने का लाले पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अधिवासी की हितेषी बन बैठी हेमंत सरकार खुद ही आदिवासी जंगल वासी आदिमजाति परिवार का हत्या करनी चाहती है। उन्होंने कहा कि उनके हक ओर अधिकारी के लिए गढ़वा से लेकर रांची तक उग्र आंदोलन करेंगे। मौके पर विधायक प्रतिनिधि रिंकू तिवारी, सुरेश पन्ना, राजेश लकड़ा, सुकन मांझी, उदय प्रसाद, बलराम यादव, राजेश चौधरी, मोती गुप्ता, लखन कोरवा, शिव कुमार साव, सीमा होरो, विकेश भुइया, मदन प्रसाद, मुरारी साव, सुनील एक्का सहित बड़ी संख्या में कुटकु, बालिगड़, विश्रामपुर के लोग शामिल थे।










