नई दिल्ली: रविवार, 22 मार्च का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में एक खास मुकाम लेकर आया। नरेंद्र मोदी ने एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अपने संयुक्त कार्यकाल को मिलाकर देश में सबसे लंबे समय तक सत्ता में बने रहने का रिकॉर्ड कायम किया है।
इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पवन कुमार चामलिंग को पीछे छोड़ दिया है, जिनके नाम अब तक यह रिकॉर्ड दर्ज था। चामलिंग ने कुल 8930 दिनों तक सरकार के मुखिया के रूप में कार्य किया था, जबकि मोदी ने 8931 दिन पूरे कर इस आंकड़े को पार कर लिया है।
गुजरात से दिल्ली तक का सफर
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपने राजनीतिक सफर का एक नया अध्याय शुरू किया था। मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल लगातार मजबूत रहा और वे कभी चुनाव नहीं हारे। साल 2014 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। उसी वर्ष आम चुनाव में प्रचंड जीत हासिल कर वे देश के प्रधानमंत्री बने और भारत की बागडोर संभाली।
लगातार जीत का सिलसिला
प्रधानमंत्री के रूप में मोदी अब तक तीन बार जनता का विश्वास जीत चुके हैं। 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों में उनकी अगुवाई में जीत दर्ज हुई। खास बात यह है कि अपने पूरे राजनीतिक करियर में, बतौर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री, उन्होंने किसी भी चुनाव में हार का सामना नहीं किया है।
यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड है बल्कि भारतीय लोकतंत्र में स्थिर नेतृत्व का भी संकेत देती है। लंबे समय तक सत्ता में बने रहना किसी भी नेता के लिए बड़ी चुनौती होती है, जिसे मोदी ने अपने राजनीतिक कौशल और जनसमर्थन के बल पर संभव बनाया है।












