जनता छात्रों मजदूरों बुजुर्गों और नौकरी पेशा पर सीधे बोझ
जमशेदपुर:शहर में ऑटो किराया बढ़ाने के फैसले के बाद जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग पर तीखा हमला बोला है। जब शहर में सस्ती, सुरक्षित और व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ही उपलब्ध नहीं है, तब बार-बार ऑटो किराया बढ़ाने का बोझ सीधे आम जनता, छात्रों, मजदूरों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों पर डाला जा रहा है।
उपायुक्त से सरकारी बस परिवहन चलाने की मांग
सौरभ विष्णु ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त को पत्र लिखकर शहर में सरकारी बस परिवहन चलाने की मांग की है। शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करना और निजी एवं सरकारी बसों के संचालन की निगरानी करना जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित काम नहीं हो रहा है।
एक समय टाटानगर रेलवे स्टेशन से टेल्को, बारीडीह, बर्मामाइंस होते हुए साकची तक नियमित सिटी बसें चलती थीं। साकची से शहर के विभिन्न क्षेत्रों के लिए लोगों को आसानी से बस उपलब्ध हो जाती थी। आज स्थिति यह है कि सरकारी बसें सड़कों से गायब हैं और लोग मजबूरी में ऑटो पर निर्भर हो गए हैं।
कहां सड़ रही है करोड़ों रुपए खर्च कर खरीदी गई सिटी बसें
सौरभ विष्णु ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदी गई सिटी बसें आखिर कहां खड़ी-खड़ी सड़ रही हैं? बसें जनता की सुविधा के लिए खरीदी गई थीं तो उन्हें फिर से सड़कों पर क्यों नहीं उतारा जा रहा है? वर्ष 2022 में भी सिटी बस सेवा पुनः शुरू करने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक वह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।
निजी बस सेवाओं की बदहाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में चलने वाली अधिकांश निजी बसों का कोई निश्चित समय-निर्धारण नहीं है। यात्रियों को यह तक पता नहीं होता कि बस कब आएगी और कब जाएगी। महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं होती है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सौरभ विष्णु ने आरोप लगाया कि परिवहन व्यवस्था की इन मूल समस्याओं को दूर करने के बजाय ऑटो किराया बढ़ोतरी जैसे फैसलों के माध्यम से वास्तविक मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। जमशेदपुर में तत्काल सरकारी सिटी बस सेवा बहाल की जाए तथा साकची से सभी जगह जोड़ने वाले प्रमुख रूटों पर नियमित बसों का संचालन शुरू किया जाए।
उन्होंने कहा, “मैं जमशेदपुर में आम आदमी की तरह सरकारी बस से चलना चाहता हूं, लेकिन जमशेदपुर में बस चलती ही नहीं है। जब तक सस्ती और भरोसेमंद सार्वजनिक बस सेवा शुरू नहीं होगी, तब तक हर किराया वृद्धि का बोझ आम जनता को ही उठाना पड़ेगा।”










