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सरस्वती नदी पुनर्जीवन अभियान को मिला बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल का समर्थन

On: June 12, 2026 11:50 AM
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झारखंड वार्ता संवाददाता

श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। सरस्वती नदी पुनर्जीवन अभियान को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है। अभियान के 17वें दिन बुधवार को बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल, सीरियाटोंगर के निदेशक मनीष कुमार सिंह, को-डायरेक्टर युवराज सिंह एवं प्राचार्य रवीश प्रजापति ने गढ़वा पहुंचकर इस मुहिम के प्रति अपना समर्थन जताया। विद्यालय प्रबंधन ने समाजसेवी अभिषेक भारद्वाज द्वारा संचालित अभियान तथा गढ़वा एसडीएम संजय पांडेय की पहल की सराहना करते हुए इसमें सक्रिय सहभागिता दर्ज की।

निदेशक मनीष कुमार सिंह ने कहा कि नदियां केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सभ्यता की पहचान हैं। सरस्वती नदी का पुनर्जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर को संरक्षित करने जैसा कार्य है। उन्होंने कहा कि विद्यालय इस पुनीत अभियान में हरसंभव सहयोग करेगा।

वहीं, को-डायरेक्टर युवराज सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे धरातल पर उतारना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अभिषेक भारद्वाज की यह मुहिम युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और विद्यालय अपने विद्यार्थियों को भी इस अभियान से जोड़ने का प्रयास करेगा।

प्राचार्य रवीश प्रजापति ने कहा कि जल संरक्षण की शिक्षा कक्षा से शुरू होकर समाज तक पहुंचनी चाहिए। गढ़वा एसडीएम संजय पांडेय की पहल और सरस्वती नदी पुनर्जीवन अभियान बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने का सशक्त माध्यम बन सकता है।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन जैसे विषयों पर व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता है। ऐसे अभियानों में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से ही सकारात्मक और स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। सरस्वती नदी पुनर्जीवन अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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