
रांची: झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नोटिस प्राप्त करने वाले उन मतदाताओं के लिए राहत की खबर है, जिनका जन्म दूसरे राज्य में हुआ है या जो पहले किसी अन्य राज्य में रह चुके हैं। अब ऐसे मतदाताओं को सत्यापन के लिए अपने जन्मस्थान या पुराने निवास वाले राज्य से दस्तावेज मंगाने को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। राज्य निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि सत्यापन के लिए संबंधित दूसरे राज्य से जारी वैध दस्तावेज भी स्वीकार किए जाएंगे।
राज्य के मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, झारखंड में वर्तमान में निवास कर रहे ऐसे मतदाता, जिनका जन्म या पूर्व निवास किसी दूसरे राज्य में रहा है, वे दावा-आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया के दौरान संबंधित राज्य द्वारा जारी मान्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। दस्तावेज का झारखंड से जारी होना अनिवार्य नहीं है।
दूसरे राज्य के दस्तावेज से हो सकेगा सत्यापन
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के लिए व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और निर्धारित अर्हता तिथि को 18 वर्ष की आयु पूरी करना आवश्यक है। वर्तमान SIR के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिनका जन्म या पूर्व निवास किसी अन्य राज्य में रहा है। यदि ऐसे मतदाताओं को उम्र, जन्मस्थान, पारिवारिक संबंध या अन्य विवरण के सत्यापन के लिए नोटिस दिया जाता है, तो वे SIR के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मान्य दस्तावेज अपने संबंधित राज्य से जारी दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं।
कौन-कौन से दस्तावेज किए जा सकते हैं पेश?
सत्यापन के लिए मतदाता अपने जन्मस्थान, आयु या पारिवारिक संबंध से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। इनमें सक्षम पदाधिकारी द्वारा जारी वंशावली या पारिवारिक सूची, खतियान, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र एवं अन्य शैक्षणिक दस्तावेज, जन्म एवं आयु से संबंधित मान्य दस्तावेज
और निर्वाचन आयोग की ओर से SIR के लिए निर्धारित अन्य स्वीकार्य दस्तावेज शामिल हैं। इन दस्तावेजों का परीक्षण संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
नोटिस मिलने पर समय पर सुनवाई में पहुंचें
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि यदि उन्हें SIR के दौरान नोटिस प्राप्त हुआ है, तो वे निर्धारित समय पर सुनवाई में उपस्थित हों और अपने पास उपलब्ध मान्य दस्तावेज प्रस्तुत करें। केवल इस वजह से परेशान होने की जरूरत नहीं है कि दस्तावेज झारखंड के बजाय किसी दूसरे राज्य से जारी किए गए हैं।
अधिकारियों को भी दिए गए निर्देश
निर्वाचन विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों की नियमानुसार जांच कर मतदाता की पात्रता पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया जाए। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। साथ ही अपात्र व्यक्ति या विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।



