
काबुल/नई दिल्ली: अफगानिस्तान एक बार फिर भूकंप के तेज झटकों से दहल उठा। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, गुरुवार (4 सितंबर 2025) को दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में रिक्टर स्केल पर 6.2 तीव्रता का भूकंप आया।
भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय भूकंपीय निगरानी एजेंसियों के अनुसार, झटके इतने तेज थे कि इसका असर पड़ोसी देशों पाकिस्तान और भारत तक महसूस किया गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोगों ने झटके महसूस किए और घबराकर घरों व दफ्तरों से बाहर निकल आए।
अफगानिस्तान के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई इलाकों में घरों की दीवारों में दरारें आई हैं। हालांकि अब तक किसी तरह के बड़े नुकसान या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और प्रभावित इलाकों का जायजा ले रही हैं।
भारत में राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने भी इस भूकंप की पुष्टि की है। दिल्ली-एनसीआर में झटके रात के समय करीब कुछ सेकंड तक महसूस किए गए, जिससे लोग दहशत में आ गए।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र है। पिछले एक साल में यहां कई बार मध्यम से तेज तीव्रता के भूकंप आ चुके हैं, जिनमें भारी जनहानि और नुकसान हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार आने वाले झटके इस बात का संकेत हैं कि क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेट्स सक्रिय अवस्था में हैं।







