ऐतिहासिक लाल किला नई दिल्ली में स्थित है (कैनवास)
हैदराबाद: आज के समय में कोई भी शहर सिर्फ उसकी बड़ी-बड़ी इमारतों या सड़कों से स्मार्ट नहीं बनता। एक वास्तविक स्मार्ट शहर वह है जो अपने लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उचित उपयोग करता है। मशहूर संस्था बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) ने इस विषय पर एक नई रिपोर्ट जारी की है, जिसका नाम “इंटेलिजेंट सिटीज़ इंडेक्स 2026” है। इस रिपोर्ट में दुनिया के 39 देशों के 61 बड़े शहरों का अध्ययन किया गया है.
इस नई वैश्विक सूची में ब्रिटेन की राजधानी लंदन को दुनिया का सबसे ‘बुद्धिमान’ शहर चुना गया है। लंदन के बाद दुनिया के शीर्ष पांच शहरों में दुबई, न्यूयॉर्क, वाशिंगटन डीसी और एम्स्टर्डम का नाम आता है। इन सभी शहरों ने अपने नागरिकों की सुविधा के लिए डिजिटल तकनीक को गहराई से अपनाया है।
भारतीय शहरों का प्रदर्शन: दिल्ली सबसे आगे
इस वैश्विक सूची में भारत के तीन सबसे प्रमुख शहरों को जगह मिली है, जो देश के लिए बहुत सकारात्मक संकेत है।
दिल्ली (43वां स्थान): भारत के शहरों में देश की राजधानी दिल्ली सबसे आगे रही. दिल्ली को 100 में से 59 अंक मिले हैं। दिल्ली ने सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करने और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में नई तकनीक जोड़ने में अच्छा सुधार किया है।
बेंगलुरु (46वां स्थान): भारत की ‘आईटी राजधानी’ कहे जाने वाले बेंगलुरु को भी केवल 59 अंक मिले हैं, लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण वह दिल्ली से तीन स्थान पीछे 46वें स्थान पर है। बेंगलुरु अपने मजबूत स्टार्टअप माहौल और तकनीकी युवाओं के कारण इस सूची में जगह बनाने में सफल रहा।
मुंबई (51वां स्थान): भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई 57 अंकों के साथ 51वें स्थान पर रही। वैसे तो ओवरऑल रैंकिंग में मुंबई बाकी दो भारतीय शहरों से थोड़ा पीछे है, लेकिन एक खास मामले में मुंबई ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
प्रौद्योगिकी और एआई क्षमता (बीसीजी) के आधार पर दुनिया के 61 प्रमुख शहरों की रैंकिंग और प्रदर्शन
मुंबई की बड़ी कामयाबी: टेक्नोलॉजी अपनाने में दुनिया में आगे
इस रिपोर्ट में मुंबई शहर की एक खास वजह से तारीफ की गई है. प्रौद्योगिकी को वास्तविक जीवन में लागू करने के मामले में मुंबई को दुनिया के सबसे सक्रिय शहरों की सूची में रखा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई ने मैनचेस्टर और बोस्टन जैसे दुनिया के अत्यधिक विकसित शहरों के साथ तालमेल बनाए रखा है और अपने नागरिकों के लिए नई तकनीकें लाई हैं। अपनी विशाल आबादी के बावजूद, मुंबई ने बसों, लोकल ट्रेनों, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं में एआई और स्मार्ट ऐप्स का व्यापक उपयोग किया है।
दुनिया के टॉप 5 शहरों का स्कोर
इस सूचकांक में शीर्ष शहरों को 100 में से निम्नलिखित अंक मिले हैं:
- लंदन – स्कोर: 85
- दुबई – स्कोर: 80
- न्यूयॉर्क – स्कोर: 80
- वाशिंगटन डीसी – स्कोर: 80
- एम्स्टर्डम – स्कोर: 80
शहरों को किन पांच चीज़ों पर मापा जाता है?
बीसीजी ने शहरों को परखने के लिए पांच मुख्य मानदंड बनाए थे और प्रत्येक क्षेत्र में एक अलग शहर चैंपियन बनकर उभरा:
- नतीजे: इस मामले में लंदन सबसे आगे रहा, क्योंकि वहां की तकनीक सीधे तौर पर लोगों की कमाई और अच्छे जीवन स्तर में मदद कर रही है।
- रणनीति: इस मामले में स्पेन का मैड्रिड शहर नंबर वन रहा. उनकी भविष्य की योजनाएँ बहुत स्पष्ट और सटीक हैं।
- प्रौद्योगिकी अपनाना: दुबई इस मामले में दुनिया में सबसे आगे रहा है और भारत के मुंबई शहर ने भी इस क्षेत्र में बाजी मारी है.
- काम करने का तरीका: सरकारी विभागों में एआई के इस्तेमाल और चुस्ती से काम करने में न्यूयॉर्क सबसे आगे रहा.
- समर्थक पर्यावरण: इसमें एम्सटर्डम सबसे आगे रहा. छोटी आबादी होने के बावजूद वहां नए बिजनेस (स्टार्टअप) को काफी प्रोत्साहन मिलता है।
रिपोर्ट की तीन सबसे अहम बातें
धन ही सब कुछ नहीं है: रिपोर्ट में कहा गया है कि एक अच्छी स्मार्ट सिटी बनने के लिए शुरुआत में भारी भरकम बजट या अरबों रुपये की जरूरत नहीं होती. कोई भी शहर जहां खड़ा है, वहीं से छोटी शुरुआत करके अपने लोगों का जीवन बदल सकता है।
एशिया और अफ्रीका में AI का क्रेज: विकसित देशों की तुलना में, एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के लोग एआई टूल का उपयोग करने में सबसे अधिक सक्रिय और उत्साही हैं।
अकेले मशीनें पर्याप्त नहीं: महँगे गैजेट या कम्प्यूटर लगा देने से कोई शहर स्मार्ट नहीं बन जाता। टेक्नोलॉजी के साथ-साथ अच्छी प्रतिभा, उचित प्रशिक्षण और नए विचारों को बढ़ावा देना भी जरूरी है।
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