रांची: राज्य के आरटीआई एक्टिविस्टों की एक चिर परिचित मांगा आखिरकार पूरी हो गई। पूर्व जस्टिस अमिताव कुमार गुप्ता को झारखंड प्रदेश के गवर्नर संतोष कुमार गंगवार में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई बड़े अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

झारखंड में लोकायुक्त का पद काफी समय से खाली पड़ा था। इसे लेकर लगातार सवाल उठते रहे थे। हाल ही में हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि लोकायुक्त समेत अन्य संवैधानिक पदों पर जल्द नियुक्ति की जाए। इसी के बाद सरकार ने कदम उठाया और 16 अप्रैल को जस्टिस गुप्ता की नियुक्ति की घोषणा की गई। अब शपथ लेने के बाद उन्होंने आधिकारिक तौर पर जिम्मेदारी संभाल ली है।
जानें जस्टिस अमिताव कुमार गुप्ता का परिचय
जस्टिस गुप्ता का जन्म 31 मई 1959 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई की। वहीं से उन्होंने आगे की पढ़ाई भी पूरी की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 11 जून 1997 को बिहार न्यायिक सेवा में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में की थी। यहीं से उनका न्यायिक सफर आगे बढ़ता गया।
हाईकोर्ट में सेवा और रिटायरमेंट
साल 2013 में उन्हें झारखंड हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया। बाद में उन्होंने वहां लंबे समय तक सेवा दी। 30 मई 2021 को वे हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त हुए। अब उन्हें राज्य के लोकायुक्त के रूप में एक अहम जिम्मेदारी दी गई है, जहां उन्हें भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निगरानी और जांच का काम करना होगा।
क्या है आगे की जिम्मेदारी
लोकायुक्त का पद राज्य में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। आम लोगों की शिकायतों, खासकर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में यह संस्था बड़ी भूमिका निभाती है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि जस्टिस गुप्ता इस जिम्मेदारी को कैसे निभाते हैं और राज्य में पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।








