रांची:झारखंड की राज्यसभा की दो सीटों के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच फिर से एक बार विधानसभा चुनाव के पहले जोर आजमाइश और सियासत गरमाने की संभावना है।चुनाव की नामांकन प्रक्रिया सोमवार को अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू हो गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने कहा कि नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि आठ जून है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच नौ जून को की जाएगी।कुमार ने संवाददाताओं से कहा, “यदि दो से अधिक उम्मीदवार हुए, तो 18 जून को मतदान कराया जाएगा। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून है। झारखंड विधानसभा के एक अधिकारी ने बताया कि प्रक्रिया के पहले दिन कोई भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया। राज्यसभा की एक सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई थी, जबकि भाजपा सदस्य दीपक प्रकाश का छह वर्ष का कार्यकाल 21 जून को पूरा होने वाला है।
भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही दो सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया है।इस बीच, सत्तारूढ़ झामुमो ने 26 मई को निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर आशंका व्यक्त की थी। जिससे और सियासत गरमाने के आसार हैं।
सत्ता पक्ष विपक्ष की दलीय स्थिति के बात करें तो झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के 24 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 21 तथा लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन और जनता दल (यूनाइटेड) के एक-एक विधायक शामिल हैं। ‘इंडिया’ गठबंधन के 56 सदस्य हैं, जिनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के चार और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिब्रेशन के दो विधायक शामिल हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का एक विधायक है।
इधर झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के बीच भी एक सीट को लेकर रस्साकसी चने की खबर आ रही है। कांग्रेस एक सीट पर दावा कर रही है। दूसरी ओर तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री एम.बी. विक्रमार्क और कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी और कहा था कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि झारखंड की दोनों राज्यसभा सीट पर ‘इंडिया’ गठबंधन की जीत हो।
इधर झारखंड मुक्ति मोर्चा का दावा है कि दोनों सीट पर मिलेगी जीत।विपक्ष के पास विधानसभा में आवश्यक संख्या बल नहीं है। जीत सुनिश्चित करने के लिए किसी उम्मीदवार को कम से कम 28 प्रथम वरीयता वाले मत हासिल करने होंगे। चूंकि झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 56 सदस्य हैं, इसलिए झामुमो ने दावा किया कि दोनों सीट पर उसे जीत मिलेगी।
बहरहाल झारखंड राजनीति में इतिहास रचता रहा है इस राज्यसभा चुनाव में भी कुछ इतिहास बनने की पूरी संभावना नजर आ रही है और सत्ता पक्ष विपक्ष के बीच फिर से एक बार जोरदार सियासत होने की संभावना है।








