
रांची: झारखंड में राशन कार्ड धारकों के लिए अहम खबर है। जनवितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों से लगातार छह महीने तक अनाज नहीं उठाने वाले लाभार्थियों के राशन कार्ड को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है। ऐसे लाभार्थियों को ‘साइलेंट राशन कार्डधारी’ के रूप में चिह्नित किया जा रहा है। सरकार ने ऐसे कार्डधारियों को अपना राशन उठाने के लिए 21 सितंबर 2026 तक का समय दिया है।
अगर संबंधित लाभार्थी तय समय सीमा के भीतर अपने हिस्से का राशन उठा लेते हैं, तो उनका राशन कार्ड सक्रिय रखा जा सकता है। वहीं, ऐसा नहीं करने पर 1 अक्टूबर 2026 से कार्ड अस्थायी रूप से निष्क्रिय किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके बाद कार्ड से मिलने वाला खाद्यान्न फिलहाल नहीं मिल पाएगा।
दरअसल, बड़ी संख्या में ऐसे राशन कार्ड सामने आए हैं, जिनके जरिए लाभार्थी PDS दुकानों से नियमित रूप से अनाज नहीं ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने आयुष्मान भारत और मंईयां सम्मान योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के उद्देश्य से राशन कार्ड बनवाए, लेकिन वे PDS से खाद्यान्न का उठाव नहीं कर रहे हैं।
सरकार ऐसे निष्क्रिय कार्डों की पहचान कर व्यवस्था को दुरुस्त करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य फर्जी, अपात्र या लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रहे राशन कार्डों की पहचान कर उन्हें सिस्टम से हटाना है, ताकि सरकारी खाद्यान्न का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके।
छह महीने या उससे अधिक समय से PDS दुकान से राशन नहीं लेने वाले कार्डधारियों को फिलहाल अपना लंबित राशन उठाने का मौका दिया गया है। 21 सितंबर तक राशन उठाने वाले लाभार्थियों का कार्ड सक्रिय रखने की प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।
इसलिए जिन लोगों ने पिछले छह महीने से राशन नहीं उठाया है, उन्हें समय सीमा के भीतर अपने PDS डीलर से संपर्क कर राशन उठाने और अपने कार्ड की स्थिति सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
अगर किसी लाभार्थी का राशन कार्ड 1 अक्टूबर से निष्क्रिय हो जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे लाभार्थियों को 1 अक्टूबर 2026 से 1 जनवरी 2027 तक तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस अवधि में फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए उनकी e-KYC प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। फील्ड सत्यापन में लाभार्थी पात्र पाया जाता है और उसकी जानकारी सही मिलती है, तो राशन कार्ड को दोबारा सक्रिय कर दिया जाएगा।






