
रांची: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम का असर झारखंड में साफ दिखाई दे रहा है। राज्य के कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी है। राजधानी रांची समेत कई इलाकों में गुरुवार को अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में रांची में 52.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि धनबाद के बाघमारा में सबसे अधिक 128.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 सितंबर को झारखंड के लिए भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम का यह सक्रिय दौर अगले दो दिनों तक भी बना रह सकता है। 26 और 27 सितंबर को भी राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियां होने की संभावना है।
इन 8 जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 सितंबर को रांची, पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।
50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है तेज हवा
बारिश के साथ झारखंड में वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा। IMD ने 25 सितंबर को राज्यभर में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है। इस दौरान कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के झोंके चल सकते हैं।
ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। आंधी-बारिश और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहना ज्यादा सुरक्षित है।
27 सितंबर तक सक्रिय रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 25 से 27 सितंबर तक झारखंड में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। खासकर उत्तर-पश्चिमी जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के कई हिस्सों में वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
हालांकि, 28 सितंबर से मौसम में कुछ राहत मिलने के संकेत हैं। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बादल छाने और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोगों से अपील है कि आंधी-बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और वज्रपात के समय खुले स्थानों पर खड़े न हों।







