
गिरिडीह: नगर थाना क्षेत्र के झंडा मैदान में शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने की तैयारी कर रहे छात्रों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में झड़प हो गई। छात्रों का आरोप है कि JMM नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को झंडा मैदान में बड़ी संख्या में छात्र और संगठन से जुड़े लोग जुटे थे। छात्र अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री का पुतला तैयार कर उसके दहन की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान JMM के नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इसके बाद छात्रों और JMM कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
पीड़ित छात्रों का कहना है कि वे अभी पुतला दहन की तैयारी ही कर रहे थे और कार्यक्रम शुरू भी नहीं हुआ था। इसी दौरान JMM कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें मैदान में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।
घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने गिरिडीह की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन JMM के कार्यकर्ता जगह-जगह उनके साथ मारपीट कर रहे हैं।
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। बाबूलाल ने कहा कि यदि छात्र किसी परीक्षा या मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे बच्चों के साथ इस तरह की गुंडागर्दी किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। बाबूलाल ने मुख्यमंत्री से अपने कार्यकर्ताओं को समझाने की बात कही। साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि छात्रों का आक्रोश इसी तरह बढ़ता रहा और वे गांव-गांव में डंडा लेकर निकल पड़े तो JMM के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।







