
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और धांधली की जांच तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही सीआईडी (CID) और रांची पुलिस की संयुक्त टीमों ने रविवार को राज्य के कई जिलों में एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की।
छापेमारी रांची, पलामू, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, देवघर, गोड्डा और रामगढ़ सहित कई जिलों में की गई। जांच एजेंसियों ने उन लोगों और ठिकानों को निशाना बनाया, जिनका नाम जांच के दौरान सामने आया है या जिनके परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े होने की आशंका है।
जांच के दौरान कई लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए हैं। सीआईडी इन सभी डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्य आरोपी अभय तिवारी से पूछताछ और उससे मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई है। इससे पहले सीआईडी इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद ही विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
कोचिंग संस्थानों पर भी कार्रवाई
सीआईडी की टीम ने रांची के नामकुम और धुर्वा समेत कई इलाकों में छापेमारी की। जांच के दायरे में आए ‘शिवंगन की पाठशाला’ और ‘पतंजलि आईएएस’ जैसे कोचिंग संस्थानों से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई। इसके अलावा नामकुम निवासी आदित्य पांडेय के घर तथा पलामू में एक कोचिंग संचालक रवि के आवास पर भी रेड डाली गई।
पहले भी हुई हैं बड़ी गिरफ्तारियां
जांच एजेंसियां पहले ही इस मामले में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक, परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) के निदेशकों समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। वहीं, पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से भी लंबी पूछताछ की जा चुकी है।
सीआईडी का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या नई कार्रवाई हो सकती है।



