रांची: JPSC-JSSC आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर झारखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी के मुताबिक, 8 से 11 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग जिलों में डीसी और एसपी कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरकार पर छात्रों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों पर मुकदमे दर्ज करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद बढ़ा सियासी दबाव
भाजपा का दावा है कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल करीब दो दिन पहले मुख्य सचिव से मिलकर छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग कर चुका है। इसके बावजूद कार्रवाई की मांग को लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं के मुख्य सचिव से मिलने पर भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं।
आदित्य साहू ने कहा कि अगर झामुमो और कांग्रेस के नेताओं को छात्रों के आंदोलन को लेकर कोई आपत्ति थी, तो उन्हें अपनी शिकायत सरकार के स्तर पर उठानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए मुकदमों का सहारा लिया जा रहा है।
छात्रों के साथ मारपीट का भी लगाया आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कुछ छात्रों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आंदोलन में शामिल छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, तो उनके साथ मारपीट करने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कोचिंग संस्थानों के संचालकों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। भाजपा का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े सवाल उठाने वाले युवाओं को डराने के बजाय उनकी शिकायतों का समाधान किया जाना चाहिए।
‘छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार न हो’
आदित्य साहू ने कहा कि राज्य के युवा पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए अपना भविष्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे युवाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें अपराधियों की तरह पेश करना उचित नहीं है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर छात्रों पर दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए और उनके परिवार तथा गांव के लोग भी आंदोलन में शामिल होने लगे, तो परिस्थितियां गंभीर हो सकती हैं। भाजपा ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर मामलों को वापस लेने की मांग की है।
चार दिनों में 16 जिलों में प्रदर्शन
भाजपा ने आंदोलन के लिए जिलेवार कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। पार्टी के अनुसार—
8 सितंबर: रांची, दुमका, गिरिडीह और गढ़वा
9 सितंबर: कोडरमा, पलामू, साहिबगंज और चाईबासा
10 सितंबर: सरायकेला-खरसावां, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा
11 सितंबर: जामताड़ा और खूंटी
इन जिलों में भाजपा कार्यकर्ता डीसी-एसपी कार्यालयों का घेराव और प्रदर्शन करेंगे।
JPSC-JSSC से जुड़े विवाद और छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर अब भाजपा के इस आंदोलन के बाद झारखंड की राजनीति में टकराव और बढ़ने के आसार हैं। सरकार की ओर से इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर रहेगी।




